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अभियान- शहर स्वच्छ तो हम स्वस्थ: स्कूली बच्चों ने पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता से बताए स्वच्छता के मायने...  

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suncity will become clean city-green city

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'स्वच्छता' इस शब्द से सभी परिचित हैं। स्वच्छता से ही स्वास्थ्य है। हमें स्वच्छता के मायने समझने होंगे। गंदगी के कारण संक्रामक रोग होते हैं। खुले में शौच करने से गंदगी फैलती है, लेकिन खुले में शौच करने से युवतियों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं भी हुई हंंै। हमें कचरा कूड़े में डालना चाहिए। घर के आसपास और शहर में गंदगी नहीं करनी चाहिए। कुछ इन्हीं बातों पर निबंध लिख और पोस्टर बना कर विद्यार्थियों ने समझाया। राजस्थान पत्रिका की ओर से गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भदवासिया में स्कूली विद्यार्थियों के लिए 'शहर स्वच्छ तो हम स्वस्थÓ विषयक निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता संयोजक आईदानराम चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भदवासिया, सर्वोदय पब्लिक स्कूल, आरएसएम सैकण्डरी स्कूल, संध्या पब्लिक स्कूल व आरएसएम विद्याश्रम स्कूल के ५१ मेधावी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें २४ विद्यार्थी पोस्टर और २७ विद्यार्थी निबंध प्रतियोगिता में शामिल हुए। प्रतियोगिता के लिए एक घंटे का समय दिया गया था। कार्यक्रम में सभी विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस परीक्षा में टीकम गहलोत, ओमप्रकाश सैन, अभिलाषा अरोड़ा, जगदीश प्रजापत, नरेश सक्सेना व सेवाराम कटारिया ने सेवाएं दीं। राउमावि भदवासिया के संस्था प्रधान अमृतलाल ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए सभी का आभार जताया।

ये बने पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता

प्रथम- वंदना पारीक (कक्षा-७, आरएसएम सैकण्डरी स्कूल)

द्वितीय- महेश मालवीय (कक्षा-११, राउमावि भदवासिया)

तृतीय- आयुष (कक्षा-८, आरएसएम विद्याश्रम स्कूल)

ये रहे निबंध प्रतियोगिता में विजेताप्रथम- गुड्डी (कक्षा-९, आरएसएम पब्लिक सैकण्डरी स्कूल)द्वितीय- काजल नवल (कक्षा-९, राउमावि भदवासिया)तृतीय- रविना सोनी (कक्षा-१२, राउमावि भदवासिया)

अभियान- शहर स्वच्छ तो हम स्वस्थ

जहां साफ-सफाई होती है, वहां भगवान विष्णु व लक्ष्मी का वास रहता है। एेसा कवि कालिदास ने कहा है। स्वच्छ वातावरण में मेहमान आते हैं, तो उनका हृदय भी प्रसन्न रहता है। स्वच्छता हमारा धर्म है। घर के साथ गली-मोहल्लों को भी स्वच्छ रखना चाहिए। स्वच्छता में सेहत का राज छिपा है व गंदगी में बीमारी।

-संत हरिराम

स्वच्छता हमारा कर्तव्य होना चाहिए। घर के साथ गली-मोहल्ले को भी साफ रखने का संकल्प लेना चाहिए। कचरा डस्टबिन में ही डालें। गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखने की आदत विकसित करें। स्वच्छता का सीधा संबंध स्वास्थ्य है। शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। जनता के सहयोग से हमारे प्रयास भी बेकार ही साबित होंगे।

घनश्याम ओझा, महापौर नगर निगम

स्वच्छता बनी रहे इसके लिए नगर निगम प्रयास कर रहा है। शहरवासियों का सहयोग भी जरूरी है। जनसहयोग बिना शहर की स्वच्छता पूर्ण रूप से संभव नहीं है। नियत स्थान पर कचरा डालें व गंदगी करें न करने दें।

ओमप्रकाश कसेरा, आयुक्त नगर निगम।


स्वच्छता के लिए सरकार के साथ जनभागीदारी जरूरी है। बिना जन सहयोग कोई कार्य संभव नहीं है। हम अपना घर साफ रखते हैं, वैसे ही गली-मोहल्ला साफ रखें। पॉलीथिन का उपयोग नहीं करें। स्वच्छता संबंधी कुछ आदतों को जीवन का हिस्सा बना लें, तभी शहर साफ रह सकेगा।

सूर्यकांता व्यास, विधायक सूरसागर


नागरिकों को प्रशासन के साथ मिलकर योगदान देना होगा, तभी स्वच्छता संभव है। मात्र एक दिन के योगदान से पूर्ण स्वच्छता संभव नहीं। प्रशासन के साथ निरंतर योगदान देने से ही व्यवस्था बनी रहेगी।

रविकुमार सुरपुर, जिला कलक्टर