
निर्यात के लिए जरूरी सर्टिफिकेट के सत्यापन में नहीं होगी छेड़छाड़
जोधपुर।
देश से निर्यात होने वाले हैण्डीक्राफ्ट सहित विभिन्न उत्पादों के लिए आवश्यक सर्टिफिकेट व दस्तावेजों के सत्यापन में छेड़छाड़ पर अब रोक लगेगी। निर्यात निरीक्षण परिषद (एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल) व वाणिज्य मंत्रालय एक कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। जिसमें निर्यात के लिए जरूरी सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन सहित निर्यात के लिए काम में आने वाले अन्य सर्टिफिकेट व दस्तावेजों को डिजिटल बनाने पर काम किया जा रहा है। इससे निर्यातक संबंधित अधिकृत एजेंसी से सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन ऑनलाइन से ले सकेगा। इस डिजिटल पोर्टल को इसी माह लांच करने की तैयारी है, जिसमें डिजिटल साइन वाले सर्टिफिकेट उपलब्ध होंगे। सर्टिफि केट ऑफ ओरिजन एक निर्यात दस्तावेज होता है, जो एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेन्सी व अन्य कार्यालयों द्वारा जारी किया जाता है। यह दो प्रकार के होता है पहला प्रिफरेंशियल व दूसर नॉन प्रिफरेंशियल। प्रिफरेंशियल सर्टिफि केट से निर्यातक को व्यापारिक समझौते के तहत आयातित देश में टेरिफ शुल्क की छूट मिलती है जबकी नॉन प्रिफरेंशियल कुछ अन्य सुविधाओं के लिए दिया जाता है । इससे आयातक को भी लाभ मिलता है। इस सर्टिफि केट को प्राप्त करने के प्रक्रिया को सरल बनाया गया है व अब निर्यातको को डायरेक्ट पोस्ट द्वारा भी भेजा जा रहा है ।
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जीएसपी बेनिफिट भी ले सकेंगे निर्यातक
सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन से जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंस (जीएसपी) बेनिफिट भी ले सकेंगे। गत 2 नवम्बर 2018 को अमरीका ने कई उत्पादों पर जीएसपी के अन्तर्गत करमुक्त आयात होने वाले कुछ भारतीय उत्पादों को जीएसपी सूची से हटा दिया था। इससे हैण्डीक्राफ्ट, हैण्डलूम, लेदर सहित कई उत्पादों पर बुरा असर देखने को मिला। जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने इसके दुष्प्रभाव का मूल्यांकन कर सरकार से छोटे व मध्यम निर्यातकों को मर्चेन्डाइस एक्सपोट्र्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमइआइएस) के तहत छूट दिलाने का निवेदन भी किया था।
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निर्यातकों को डिजिटलाइजेशन से सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन लेने में और ज्यादा आसानी होगी व निर्यात के लिए आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी जल्दी होगी।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
Updated on:
05 May 2019 08:56 pm
Published on:
05 May 2019 08:56 pm
