
नौकरी का झांसा देने का आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
जोधपुर.
मण्डोर थाना पुलिस ने सेवानिवृत्त फौजी के पुत्र को पुलिस कांस्टेबल और दामाद को अध्यापक की नौकरी लगाने का झांसा देकर तेरह लाख रुपए हड़पने के आरोपी द्वितीय ग्रेड शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। वह पहले भी कई बेरोजगारों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपए एेंठ चुका है।
थानाधिकारी सीताराम खोजा के अनुसार नागौर में रेण के समीप जावली निवासी रामकुमार (३५) पुत्र गणपतराम बिश्नोई को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जहां से दो दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए। आरोपी से पूछताछ के साथ ठगी के रुपए बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी कुचामन के समीप पलाड़ा स्थित सरकारी विद्यालय में शिक्षक है।
सोना गिरवी रख लिया ऋण
मूलत: भोपालगढ़ थानान्तर्गत गोदावास, हाल मण्डोर क्षेत्र में महादेवनगर निवासी सेवानिवृत्त फौजी गोरधनराम चौधरी ने गत १० सितम्बर को रामकुमार बिश्नोई के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि नवम्बर २०१७ में मगरा पूंजला निवासी अर्जुनराम ने बताया था कि उनका भांजा रामकुमार सरकारी शिक्षक है और ऊंची जान-पहचान के चलते वह उसके पुत्र अशोक का चयन कांस्टेबल पद पर करा सकता है। छह दिसम्बर को अर्जुन के घर पर गोरधनराम की मुलाकात रामकुमार से हुई। उसने कांस्टेबल परीक्षा में अशोक का चयन कराने के लिए छह लाख रुपए परीक्षा से पहले और छह लाख रुपए बाद में देने कहा था। उसके झांसे में आकर गोरधनराम ने १५ दिसम्बर को रामकुमार को ४.५० लाख रुपए दिए और शेष १.५० लाख रुपए कुछ दिन बाद देना तय हुआ। इसके बाद गोरधनराम ने अपने दामाद रामसिंह का चयन अध्यापक भर्ती परीक्षा में कराने के लिए रामकुमार से बात की। इसके लिए आरोपी ने ७.५० लाख रुपए मांगे। दामाद व उनके पिता कानाराम ने २४ दिसम्बर को जोधपुर में आरोपी को २.५० लाख रुपए दिए। इसके बाद जेवर गिरवी रखकर ५.५० लाख रुपए का ऋण लिया और पांच लाख रुपए आरोपी को और दे दिए। जबकि सेवानिवृत्त फौजी ने भी बकाया डेढ़ लाख में से एक लाख रुपए दे दिए थे।
मन पसंद सेंटर तक नहीं दिला सका
आरोपी ने दोनों अभ्यर्थियों को जोधपुर में परीक्षा सेंटर दिलाने और लिखित परीक्षा में पास कराने का झांसा दिया था। लेकिन एक अभ्यर्थी का सेंटर जयपुर व दूसरे का बाड़मेर आ गया। इस पर एेतराज जताने पर आरोपी ने कहा कि ओएमआर शीट पर सिर्फ रोल नम्बर लिखकर खाली छोड़ दे, वह मैरिट में दिला देगा। उसके झांसे में आकर दोनों ने ओएमआर शीट खाली छोड़ दी और दोनों फेल हो गए थे। उसने रुपए लौटाने का दबाव डाला तो वह टालमटोल करता रहा।
Published on:
26 Dec 2019 12:39 am
