काल कवलित हो रहे काले हरिणों की मौत के कारणों का पता लगाने विशेषज्ञों की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची

-21 काले हरिणों सहित कुल 35 से अधिक चिंकारों की मौत का मामला

By: Jay Kumar

Published: 04 Oct 2021, 07:38 PM IST

जोधपुर. जोधपुर जिले के बिलाड़ा रेंज के तिलवासनी गांव के खेतों के आसपास पिछले एक पखवाड़े से अज्ञात बीमारी के कारण काल कवलित हो रहे काले हरिणों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम वनविभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र में पहुंची और काले हरिणों के अलग-अलग समूह की गतिविधियों को पता लगाया। क्षेत्र के तीन बड़े काले हरिणों के समूहों का दूरबीन व अन्य उपकरणों से क्रिया कलापों का गहनता से नजर रखी व जांच की। मौके पर फिलहाल कोई बीमार वन्यजीव नहीं पाया गया। भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के वेटरीनरी साईंटिस्ट डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ और माचिया जैविक उद्यान वन्यजीव चिकित्सालय के डॉ. ज्ञानप्रकाश शाक्ष्य ने रविवार को वन्यजीवों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए तिलवासनी के काले हरिण बहुल क्षेत्रों का अवलोकन किया। जोधपुर जिले के तिलवासनी क्षेत्र में अज्ञात बीमारी के कारण अब तक सर्वाधिक २१ काले हरिणों (ब्लेक बक) सहित कुल ३५ से अधिक चिंकारों की मौत हो चुकी है।

Jay Kumar
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