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45 दिन से बंद हैं जोधपुर की फैक्ट्रियां, इस तारीख तक रहेगा एनजीटी के आदेश का असर

एनजीटी ने अब 5 सितम्बर तक बंद रखने के दिए आदेश  
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NGT orders for industries in jodhpur

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जोधपुर. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश से बंद हुई फैक्ट्रियों को करीब 45 दिन बाद भी राहत नहीं मिली है। एनजीटी ने अब फैक्ट्रियों को 5 सितम्बर तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। एनजीटी के आदेश से टैक्सटाइल व स्टील सहित 19 फैक्ट्रियां बंद हैं। एनजीटी में इस मामले की सुनवाई अब 5 सितम्बर को होगी। गौरतलब है कि जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने की शिकायत पर एनजीटी की ओर से नियुक्त कोर्ट कमिश्नर डॉ. अजीतप्रताप सिंह की रिपोर्ट के आधार पर 30 मई को हुई सुनवाई में इन 19 फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश दिए थे।

एनजीटी ने बोर्ड को सौंपा था जिम्मा

एनजीटी ने 30 मई को सुनवाई में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उक्त 19 फैक्ट्रियों की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा था। एनजीटी ने इस संबंध में बोर्ड को उक्त 19 फैक्ट्रियों की मॉनिटरिंग करने, फैक्ट्रियों द्वारा कमियों को सुधारने की जांच कर 18 जून को रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। एनजीटी के आदेश की पालना में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के मेम्बर सैक्रेटरी अजयकुमार गुप्ता ने गत 8 जून को बंद पड़ी 19 फैक्ट्रियों का अवलोकन किया व व्यवस्थाएं जांचकर 18 जून को रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट से असंतुष्ट होते हुए एनजीटी ने फैक्ट्रियों को 13 जुलाई तक बंद रखने के आदेश दिए थे। अब फैक्ट्रियों को 5 सितम्बर तक बंद रखने के आदेश दिए हैं।

करोड़ों का कारोबार प्रभावित


एनजीटी के आदेश से टैक्सटाइल व स्टील की 19 फैक्ट्रियों के बंद होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो गया है। साथ ही, सैंकड़ों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। मजदूरों के घरों में कई दिनों से चूल्हे तक नहीं जले हैं। बेबस परिवारों को अन्य स्थानों पर पलायन करना पड़ रहा है। वहीं फैक्ट्रियों के मालिकों को अपने पुराने मजदूरों को खोने का भय भी सता रहा है। आगामी दिनों में बारिश का मौसम होने के बाद वैसे भी टेक्सटाइल फैक्ट्रियों में कार्य प्रभावित रहता है। इस कारण मालिकों और मजदूरों को आर्थिक हानि होने का डर है।