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अवैध पानी छोडऩे वाले टेक्सटाइल उद्यमियों पर लगेगी लगाम

- प्रदूषण मण्डल सख्त, कर रहा प्रत्येक इकाई का सर्वे- २८७ टेक्सटाइल इकाइयों में लग चुका है स्काडा मीटर
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जोधपुर

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Amit Dave

Sep 22, 2021

अवैध पानी छोडऩे वाले टेक्सटाइल उद्यमियों पर लगेगी लगाम

अवैध पानी छोडऩे वाले टेक्सटाइल उद्यमियों पर लगेगी लगाम

जोधपुर।
टेक्सटाइल इकाइयों से निकलने वाला केमिकलयुक्त पानी जोजरी नदी व आसपास की जमीन को प्रदूषित करने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की फटकार व लगातार निर्देशों के बाद राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल केमिकलयुक्त पानी डिस्चार्ज करने वाले टेक्सटाइल इकाइयों के साथ संचालक उद्यमियों पर लगाम लगाने की तैयारी कर चुका है। इस कड़ी में मण्डल की ओर से करीब ३ माह पहले टेक्सटाइल व स्टील इकाइयों में स्काडा मीटर लगाने के निर्देश दिए थे, जिसकी पालना में अधिकांश इकाइयों ने स्काडा मीटर लगा दिए, शेष में स्काडा मीटर ऑपरेट नहीं हुए है। विभाग अब प्रत्येक इकाई का सर्वे कर रहा है, और सर्वे में स्काडा मीटर संचालन में अनियमितता मिलने पर संचालक को मेमो दे रहा है।
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287 इकाइयों में लग गए स्काडा पैनल
जेपीएनटी से जुड़ी 308 इकाइयों में से 287 टेक्सटाइल इकाइयों व 90 स्टील इकाइयों में स्काडा पैनल लग गए है। कुछ इकाइयों में केलिब्रेशन का काम चल रहा है। टेक्सटाइल व स्टील इकाइयों में लगे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर को जीपीआरएस आधारित सुपरवाइजरी कंट्रोल एण्ड डाटा एक्वीजिशन (स्काडा) से जोड़ा गया है। वर्तमान में जिसकी मॉनिटरिंग जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट (जेपीएनटी) में लगे जीपीआरएस सिस्टम से हो रही है। जल्द ही इसकी मॉनिटरिंग मण्डल मुख्यालय जयपुर से भी होगी।
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माइक्रो चिप से पानी की मात्रा की ऑटोमेटिक गणना
स्काडा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसमें लगी माइक्रो चिप से इकाइयों से डिस्चार्ज किए जा रहे पानी की मात्रा की ऑटोमेटिक गणना होती है। यह तकनीकी रूप से एडवांस्ड है, जिसमें किसी प्रकार की छेड़खानी करते ही अलॉर्म बज जाता है। साथ ही, निर्धारित अनुमति से ज्यादा पानी डिस्चार्ज किए जाने पर जेपीएनटी में लगे जीपीआरएस मुख्य सर्वर से उक्त इकाई के पम्प की बिजली स्वत: कट जाती है।
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सर्वे जारी
मण्डल की ओर से प्रत्येक टेक्सटाइल इकाई का सर्वे किया जा रहा है। ५० से अधिक इकाइयों का सर्वे किया है। इकाइयों में स्काडा आउटलेट्स की डिजाइन की समस्या है। आउटलेट डिजाइन को मोडिफाई कराकर एकसमान करने व कॉन्ड्यूट पाइप लाइन की केरिंग कैपेसिटी भी एकसमान करने के लिए जेपीएनटी को पत्र लिखा है।
अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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