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लंबे अर्से बाद माचिया जैविक उद्यान में लौटी दर्शकों की बहार

जुलाई में 23 हजार से अधिक दर्शकों के पहुंचने 7 लाख 52 हजार का राजस्व हुआ अर्जित
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लंबे अर्से बाद माचिया जैविक उद्यान में लौटी दर्शकों की बहार

लंबे अर्से बाद माचिया जैविक उद्यान में लौटी दर्शकों की बहार

जोधपुर. लंबे अर्से तक वीरान रहे जोधपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल माचिया जैविक उद्यान में जुलाई माह के २७ दिनों के दौरान कुल 23 हजार ६६६ दर्शकों के पहुंचने 7 लाख 52 हजार ३४२ रुपए का राजस्व राज्य सरकार को प्राप्त हुआ है। कोविडकाल में वन्यजीवों की अठखेलियों को देखने से वंचित रहे दर्शक अब परिवार के साथ टाइगर, लॉयन, पैंथर सहित विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों का संसार देखने के लिए पहुंचने लगे है। दर्शकों को सैनिटाइज, दो गज की दूरी और मास्क पहने रखने की हिदायत के बाद ही उद्यान में प्रवेश दिया जा रहा है। वनविभाग वन्यजीव प्रभाग के उपवन संरक्षक वन्यजीव विजय बोराणा ने बताया कि राजकीय अवकाश के दिनों और बारिश के मौसम होने से माचिया जैविक उद्यान में दर्शकों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। दर्शकों की सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार, राजस्थान सरकार तथा केंद्रीय चिडयि़ाघर प्राधिकरण आदि की ओर से जारी की गई एडवाइजरी की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के लिए उद्यान परिसर में जगह जगह स्टाफ भी तैनात किया गया है।

सर्वाधिक राजस्व देने वाला उद्यान
सरकार को सर्वाधिक राजस्व देने वाले पर्यटक स्थल माचिया जैविक उद्यान में वर्ष 2016 से मार्च 2020 तक 15 लाख 25 हजार पर्यटक पहुंचने से सरकार को कुल सवा चार करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर के कारण माचिया जैविक उद्यान में पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया था। अनलॉक के बाद भी उद्यान में पिछले लंबे अर्से से नाम मात्र दर्शक ही पहुंच रहे थे। अब परिस्थितियां धीरे धीरे अनुकूल होने से लोग घरों से बाहर निकलकर प्रकृति से जुडे स्थलों पर पहुंचने लगे है।