तीसरी लहर का खतरा बरकरार, गंभीर रोगियों के ऑक्सीजन सेचुरेशन कम होने का खतरा!

 

 

डॉक्टर्स बोल रहे, फिर भी कम होगी जनहानि

By: Abhishek Bissa

Published: 11 Sep 2021, 10:30 PM IST

जोधपुर. जोधपुर में कोरोना की प्रथम लहर और द्वितीय लहर में 21 सौ जानें जा चुकी हैं। तीसरी लहर का संभावित खतरा अभी भी बरकरार है। चिकित्सकों के मुताबिक जोधपुर में तीसरी लहर आने की पूरी संभावना है, ऐसे में विशेषकर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर व एचआइवी समेत तमाम तरह की अन्य बीमारियों से लंबे समय से ग्रसित मरीजों की ऑक्सीजन सेचुरेशन भी कम हो सकती है, ये खतरा डबल डोज वैक्सीन लगाने के बाद भी बरकरार रहेगा। हालांकि चिकित्सक कह रहे हैं कि उसके बाद भी वैक्सीनेशन के कारण कम जनहानि होगी। कहीं न कहीं वैक्सीनेशन भी संक्रमण की गंभीरता को कम करने में अहम भूमिका अदा करेगा।

मरीज आएंगे तो भी इतनी गंभीरता नहीं रहेगी
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. नवीन किशोरिया के अनुसार महाराष्ट्र व केरल में केस बढ़े हैं, लेकिन मरीज आ भी जाएंगे तो इतनी गंभीरता नहीं होगी। द्वितीय वेव में जो नुकसान हुआ है, उससे कम नुकसान होने की संभावना है। अभी सारे केस जोधपुर के बाहर से आए हैं। बाहर से आ रहे लोगों की प्रोपर स्क्रीनिंग जरूरी है। जो लंबे समय से बीमार है, उनके लिए खतरा रहने की पूरी संभावना है। इनकी ऑक्सीजन सेचुरेशन भी कम हो सकती है। जिन मरीजों में लक्षण दिखे, वे तुरंत डॉक्टर के पास आए। सभी को एक माह तक ध्यान देने की जरूरत है।

दूसरी डोज के लिए 84 दिन की बाध्यता हटाएं
दूसरी ओर चिकित्सकों का कहना है कि जोधपुर में कोरोना की संभावित तीसरी लहर कभी आ सकती है, ऐसे में कई लोग सिंगल डोज वैक्सीनेटेड हैं। ऐसे में 84 दिन बाद डबल डोज लगाने की बाध्यता अब हटा देनी चाहिए। इसकी बजाय दूसरी डोज कम से कम 4 से 6 सप्ताह के बीच लगा दी जाए। इससे लोगों को जल्दी सुरक्षा मिलेगी।

Abhishek Bissa Reporting
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