
जोधपुर के पावटा रोड पर मूर्तिकार की ओर से बिक्री के लिए रखी माता की मूर्तियां।फोटो गौतम उड़ेलिया
जोधपुर. शारदीय नवरात्र के साथ 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे फेस्टिव सीजन के बीच निगम चुनाव और उसके बाद सावों के श्रेष्ठ मुहूर्त की त्रिवेणी से रोजगार के नए द्वार खुल जाएंगे। इस बार नवरात्र में खरीदारी के शुभ योग के कारण लंबे अर्से बाद बाजार में एक बार फिर से रौनक होगी।
मार्च में लॉकडाउन के बाद आखातीज और भड़ली नवमी जैसे अबूझ सावों के सीजन में बड़ी संख्या में वैवाहिक आयोजन स्थगित होने का असर सर्राफा व्यवसायी, मैरिज पैलेस संचालक, व्यापारी, कंदोई, बैण्डवादक, ढोलथाली वादक, फोटोग्राफर, वीडियो शूटिंग, घोड़ी वाले, पंडित, पुष्प विक्रेता समेत कई तबकों पर पड़ा था। दशहरा-दीपावली की फेस्टिव सीजन के बीच निगम के चुनाव में प्रचार सामग्री विक्रेता, पुष्प विक्रेता, ढोल थाली वादकों को भी आशा की किरण नजर आने लगी है।
टल गई थी एक हजार शादियां
कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण जोधपुर और मारवाड़ के विभिन्न क्षेत्रों में वर-वधु पक्ष ने आपसी सहमति से करीब एक हजार से अधिक वैवाहिक आयोजनों को नवम्बर तक के लिए टाल दिया गया। अब अधिकांश स्थगित विवाह 25 नवम्बर को देव उठनी एकादशी से शुरू हो रहे सावों के श्रेष्ठ मुहूर्त में होने की उम्मीद जगी है।
अब चूके तो 17 अप्रेल तक इंतजार
वाराहमिहिर ज्योतिष अनुसन्धान केंद्र के महेश मत्तड़ के अनुसार वर्ष 2020 के अंत में सावों के मुहूर्त बहुत ही कम है। देव उठनी एकादशी 25 नवम्बर से शुभ विवाह के मुहूर्त 11 दिसम्बर 2020 तक ही है। इनमें 25, 26, 30 नवम्बर और 7, 9 तथा 11 दिसम्बर प्रमुख है। कुछ क्षेत्रों में सम्भागीय विवाह मुहूर्त 19 अक्टूबर से 24 नवम्बर तक है। उसके बाद 15 दिसम्बर से 14 जनवरी 2021 तक धनु संक्रांति मल मास तथा 17 जनवरी 2021 से 21 अप्रेल तक गुरु ग्रह (तारा) अस्त रहेगा। ऐसे में आगामी 12 दिसम्बर 2020 से 17 अप्रैल 2021 तक विवाह के आयोजन नहीं हो सकेंगे।
Updated on:
15 Oct 2020 07:20 pm
Published on:
15 Oct 2020 07:20 pm
