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विदेशी ने साफ की हमारी बावड़ी, हमनें कर दिया यह हाल

विदेशी ने साफ की हमारी बावड़ी, हमनें कर दिया यह हाल
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इंग्लैंड़ के कैरॉन रॉनश्ले ने शहर के एक दर्जन से ज्यादा बावडि़यां साफ की


जोधपुर.
शहर में महामंदिर दूसरी पोल के पास जालरा बावड़ी को इंग्लैंड़ के एक नागरिक ने महीनों तक मेहनत कर साफ कर दिया था। लेकिन इसके एक महिने बाद ही हमनें फिर से बावड़ी को कचरे का ढेर बनाकर बदहाल कर दिया। सफाई के बाद बावड़ी के मुख्य द्वार पर ताला भी लगा दिया, ताकि फिर से गंदगी न हो, लेकिन लोगों ने ताला तोड़कर बावड़ी को महज एक माह में ही कचरे का ढेर बना दिया। बावड़ी अब शराबियों का अड्डा बन गई है, रात को शराबियों का जमावड़ा लग जाता हैं। इसकी शिकायत कलक्टर, नगर निगम, संपर्क पोर्टल से करने के बाद भी सफाई नहीं हुई।
इंंग्लैंड़ के कैरॉन रॉनश्ले ने करीब 3 साल पहले शहर में जर्जर और गंदगी से भरी बावडिय़ों की सफाई का जिम्मा उठाया। कैरॉन ने इस अभियान को सोच (सेव अवर सिटी हैरिटेज) नाम दिया। सबसे पहले क्रिया की झालरा बावड़ी की सफाई शुरू की थी। कैरॉन ने जब अकेले सफाई शुरू की तो लोगों को लगा कि वह कुछ दिन काम करने के बाद वापस अपने देश लोट जाएगा। वह महिनों तक दिन रात बावड़ी की सफाई करता रहा। आखिर में जब सफाई के बाद बावड़ी की सूरत ही बदल गई तो लोग देखकर चौंक गए। इसके बाद कैरॉन ने महामंदिर में दूसरी पोल स्थित झालरा बावड़ी की सफाई शुरू की तो आस पास के बच्चे भी कैरॉन के साथ सफाई में जुट गए। बच्चों को देख कॉलोनी के लोग भी सुबह व शाम के समय दो घंटों के लिए सफाई करने लगे। करीब दो महिने में झालरा बावड़ी की सफाई के बाद तस्वीर ही बदल गई। बावड़ी फिर से गंदी न हो इसके लिए लोगों ने मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। लेकिन कुछ ही दिनों में बदमाशों ने ताला तोड़ कर बावड़ी को शराब का अड्डा बना दिया और बावड़ी के पास फिर से कचरे का ढेर लग गया।

वीर दुर्गादास राठौड़ अवार्ड से सम्मानित
कैरॉन 3 साल पहले अपना घर परिवार छोड़कर जोधपुर आए और शहर के प्राचीन एवं ऐतिहासिक बावडिय़ों की सफाई में लगे हुए है। शहर की एक दर्जन से ज्यादा बावडिय़ों की सफाई कर उनकी सूरत बदल दी। उनके इस जज्बे को देख उन्हें वीर दुर्गादास राठौड़ आवार्ड से सम्मानित किया गया। कैरॉन अब तक गुलाबसागर, तुरजी का झालरा, पांचवा माजीसा बावडी़, राम बावड़ी, सत्यनारायणजी की बावड़ी, राजरजी की बावड़ी, तापी बावड़ी, जालप बावड़ी, जनाना गार्डन की बावड़ी, नवलखा झालरा, सुमनोहरा बावड़ी, सुखदेवजी का झालरा और जाडेचीजी के झालरे की सफाई कर चूके हैं।