10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिनको अपनों ने ठुकराया, उन पर सरकार भी नहीं दे रही ध्यान

बजट और जगह स्वीकृत, फिर भी नहीं खुली जोधपुर में मदर मिल्क बैंक
less than 1 minute read
Google source verification

ग्राउंड रिपोर्ट

जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज संबद्ध मथुरादास माथुर अस्पताल के जनाना विंग में लेबर रूम के पास कॉम्प्रेहेंसिव लेक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर (व्यापक स्तनपान प्रबंधन केन्द्र) के लिए बजट और स्थान स्वीकृत हुए लंबा समय हो गया है, लेकिन जोधपुर में मदर मिल्क बैंक अभी तक नहीं खुली है। कई लावारिस और बेसहारा मिलने वाले नवजातों को भी सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिल रही हैं। जबकि नेशनल हैल्थ मिशन के तहत जोधपुर के लिए 50 लाख रुपए भी स्वीकृत हो चुके हैं।

50 ब"ो हर साल मिलते हैं जोधपुर में लावारिस
नवजात ब"ो हर साल जोधपुर में करीब 50 मिलते हैं। इनके लिए विशेषकर मदर मिल्क बैंक की आवश्यकता है। 2018 में आई यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट की मानें तो जन्म के 1 घंटे के भीतर ही 5 में से & नवजातों को मां का दूध नहीं मिल पाता। ऐसे ब'चों की संख्या 7 करोड़ 80 लाख के करीब है। वहीं जिन ब'चों को जन्म के एक घंटे में मां का दूध नहीं मिलता, वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से विकास नहीं कर पाते हैं।

इनका कहना

जगह चिन्हित कर ली गई है। शीघ्र ही सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। राÓय सरकार प्रयासरत है।

- डॉ. अनुरागसिंह, विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज