
चोरी की बाइक लेकर हिरण शिकार को आए शिकारी
खारिया मीठापुर (जोधपुर). पिछले दिनों रात ओळवी गांव की तालाब की अंगोर में मादा हिरण का अज्ञात शिकारी शिकार करने के बाद वन्यप्रेमियों का पीछा करने पर जिस मोटरसाइकिल को शिकार छोडकऱ भागे। वो चोरी की बाइक निकली और मोटरसाइकिल पर लिखे नम्बर भी फ र्जी निकले। जिससे वन विभाग अधिकारियों व प्रशासन को शिकारियों का सुराग नहीं लग पाया।
वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोहरखां ने बताया कि गत 11 जनवरी को ओलवी में हुए हिरण शिकार प्रकरण पर वन विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए शिकारियों की मोटरसाइकिल बरामद की। कार्रवाई पर वन विभाग टीम ने सोमवार को आरटीओ कार्यालय जोधपुर गई। वहां बाइक नम्बर व चैसिस नम्बर की पड़ताल करने पर मालूम हुआ कि इस चैसिस नम्बर की गाड़ी जोधपुर आरटीओ में पंजीयन नहीं है और बाइक पर लिखे नम्बर भी फ र्जी है।
वन विभाग की टीम बाद में मेड़ता व नागौर आरटीओ कार्यालय गई वहां भी इस चैसिस नम्बर की गाड़ी का कोई पंजीयन होना नहीं पाया। आखिरकार अन्य आरटीओ से सम्पर्क के बाद यह पता चला कि इस चैसिस नम्बर की गाड़ी का कही पर भी पंजीयन नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार विभाग के अधिकारियों ने इस बाइक को चोरी की बाइक बताया।
जयपुर से डीलर का लगाया जाएगा पता
वनपाल कैलाशगिरी ने बताया कि बाइक पर लिखे चेसिस नम्बर के अंकों को जयपुर टू व्हीलर कम्पनी के हैड आफि स भेजा है। इस चैसिस नम्बर की बाइक बिकने के लिए कौनसे डीलर के शोरूम में कम्पनी द्वारा भेजी गई। बाद में उस डीलर से गाड़ी के बारे में पूछताछ होगी कि ये गाड़ी शोरूम से किसने खरीदी। ताकि शिकारियों को पकड़ा जा सके।
वन्यप्रेमी शिकारियों को पकडऩे क ी कर रहे मांग
वन्यप्रेमी राजेश सारण, रामदीन खोखर, श्याम चाहर, सुनील विश्नोई, लक्ष्मण विश्नोई, भजनलाल व मंगलाराम विश्नोई ने बताया कि आए दिन हिरण शिकार की घटनाएं क्षेत्र में बढ़ रही है। हिरण शिकार के शिकारियों का समय पर पता नहीं चला तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
Published on:
17 Jan 2019 02:03 am
