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HALLMARKING– कानून इतने सख्त कि छोटी ज्वैलरी तक का देना होगा हिसाब

- यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड (यूआईडी) और जेवर की फोटो पोर्टल पर देनी होगी - कानून का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना व जेल की सजा का प्रावधान - हॉलमार्र्किंग 15 से लागू, ज्वैलर्स कोड हटाने की कर रहे मांग
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जोधपुर

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Amit Dave

Jun 04, 2021

HALLMARKING-- कानून इतने सख्त कि छोटी ज्वैलरी तक का देना होगा हिसाब

HALLMARKING-- कानून इतने सख्त कि छोटी ज्वैलरी तक का देना होगा हिसाब

जोधपुर।

कोरोना महामारी के बीच केन्द्र सरकार आगामी 15 जून से स्वर्णाभूषणों के लिए हॉलमार्क की अनिवार्यता लागू कर रही है। इसके साथ ही हॉलमार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड (एचयूआइडी) भी लागू होगा, जिसको लेकर देशभर के ज्वैलर्स सहमत नहीं है। ज्वैलर्स हॉलमार्किंग का स्वागत तो कर रहे है लेकिन यूआईडी को हटाने की मांग कर रहे है। ज्वैलर्स के मुताबिक एचयूआईडी के साथ ज्वैलर्स को 2 ग्राम से ऊपर की बेची जा रही ज्वैलरी खरीदने वाले ग्राहक का नाम, पता और मोबाइल नंबर की जानकारी भी देनी होगी। पोर्टल पर ज्वैलरी बिक्री की डिटेल देने पर ग्राहकों की निजता भंग होगी। ज्वैलरी खरीद का पूरा ब्यौरा सरकार के पास होगा। इससे सबसे बड़ा नुकसान रिटेल व्यापार को होगा क्योंकि जेवर यदि किसी थोक व्यापारी से खरीदा गया है तो वह जानकारी भी लीक होगी। इसके साथ ही, ज्वैलर्स इन कानून के उल्लंघन पर न्यूनतम एक लाख रुपए और वस्तु के मूल्य का पांच गुना तक जुर्माना, लाइसेंस रद्दीकरण व इसके साथ एक साल जेल का प्रावधान से भी चिंतित है।

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कोरोना से बिक्री व हॉलमार्र्किंग में आई कमी

राजस्थान में 21 और देशभर में करीब 900 हॉलमार्र्किंग सेंटर है। इनमें असम-त्रिपुरा को छोड़ पूर्वोत्तर राज्यों व सात यूनियन टेरिटरी दिल्ली- पांडुचेरी को छोड़कर में कोई भी हॉलमार्क सेंटर नहीं है। वर्ष 2018-19 में करीब 4.50 करोड़ गहनों की हॉलमार्किंग की गई थी। कोविड के कारण 2020-21 में गहनों की बिक्री और हॉलमार्किंग में भारी कमी आई है।

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सोने की शुद्धता अब तीन ग्रेड में

सोने की शुद्धता अब तीन ग्रेड में होगी। पहला 22 कैरेट, दूसरा 18 और तीसरा 14 कैरेट। इससे कस्टमर और ज्वैलर दोनों को फ ायदा होगा। क्वालिटी को लेकर किसी के मन में संशय नहीं रहेगा।

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हॉलमार्किंग अनिवार्यता से किसी को आपत्ति नही मगर यूआईडी कोड लागू नहीं होने देंगे। इस कानून के उल्लंघन पर गिरफ्तारी की धारा व लाइसेंस रद्ध करना स्वीकार्य नहीं है। सरकार हॉलमार्किंग की आड़ में गोल्ड कंट्रोल एक्ट जैसे सख्त नियम लाद रही है।

नवीन सोनी, उपाध्यक्ष

इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन राजस्थान