
विकास का मापक मानव कल्याण है, जीडीपी नहीं
जोधपुर।
भारतीय किसान संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी का जन्म शताब्दी समारोह रविवार को टाउन हॉल में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता व स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक व दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ अश्विनी महाजन ने दत्तोपंत ठेंगड़ी का आर्थिक चिंतन परिप्रेक्ष्य विषय पर कहा कि दत्तोपंत की विकास की अवधारणा मानव कल्याण थी, जीडीपी नहीं। ठेंगड़ी ने जीडीपी को विकास में मापक नही माना बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए हैप्पीनेस इंडेक्स का सूत्र दिया था, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व एक मानक मान रहा है। ठेंगड़ी ने पूंजीवाद और साम्यवाद को खारिज करते हुए सबके कुशलक्षेम की सोच को साकार रूप दिया। उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के माध्यम से पूंजीवादी देशों की पश्चिमी अवधारणा को नकारा। उन्होंने देश के हित मे करेंगे काम, और काम के लेंगे पूरे दाम के सिद्धांत को स्थापित किया।
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पैसे के साथ श्रमिक का पसीना भी शेयर होना चाहिए
सत्र की अध्यक्षता करते हुए एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान व विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष महेशचंद शर्मा ने ठेंगड़ी का एकात्म दृष्टिकोण विषय पर विचार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ठेंगड़ी ने उद्योग में श्रम और श्रमिक को महत्व देते हुए कहा कि इसमें पैसे के साथ श्रमिक का पसीना भी शेयर होना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों का राष्ट्रीयकरण, उद्योगों का राष्ट्रीयकरण तथा राष्ट्र के लिए श्रमिक शक्ति को धरोहर माना। ठेंगड़ी ने बहुत पहले मुक्त बाजार, भूमंडलीकरन, बाजारवाद आदि के षड्यंत्र को समझ लिया था और इसे भारतीय हित के लिए प्रतिकूल माना था।
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राजस्थान क्षेत्र के संघचालक रमेशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह गीता का उपदेश केवल अर्जुन के लिए नहीं था, उसी तरह ठेंगड़ी का विचार किसी एक व्यक्ति, समूह या संगठन के लिए नहीं बल्कि श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए आतुर समस्त मानव जाति के लिए था। स्वदेशी चिंतक व महात्मा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा के कुलपति डॉ भगवतीप्रसाद शर्मा ने कहा कि अभावग्रस्त बालकों तथा मानव कल्याण के कार्यक्रमों को बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजन समिति के संयोजक धर्मेन्द्र दुबे ने आभार व्यक्त किया।
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तकनीकी सत्र हुए
उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र हुए। जिसमें भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम ने संबोधित किया । सत्र की अध्यक्षता महापौर घनश्याम ओझा ने की। द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता भारतीय किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष माणिक लबाना थे और अध्यक्षता नरपतमल लोढ़ा ने की।
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सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद
कार्यक्रम में संस्कार भारती, स्वदेशी जागरण मंच, लघु उद्योग भारती, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, सहकार भारती, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती व अधिवक्ता परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
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Updated on:
24 Nov 2019 08:56 pm
Published on:
24 Nov 2019 08:56 pm
