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समाजसेविका बसन्ती मनिहार की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन

कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया अंतिम संस्कार
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समाजसेविका बसन्ती मनिहार की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन

समाजसेविका बसन्ती मनिहार की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन

जोधपुर. स्वामी विवेकानन्द स्टुडेन्ट्स वेलफेयर चेरिटेबल ट्रस्ट संस्थापक व संचालक समाजसेविका बसंती परिहार ह्दय गति रूकने के कारण शुक्रवार रात एम्स में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को सिवांचीगेट स्थित माहेश्वरी स्वर्गाश्रम में कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया। शास्त्रीनगर स्थित मणीदीप से उनकी अंतिम यात्रा में माहेश्वरी समाज के भंवरलाल सोनी, सोहनलाल जैसलमेरिया, ओमकार वर्मा, रामकिशोर कासट व सीमित सदस्य शामिल हुए। उनके भतीजे नवलकिशोर ने मुखाग्नि दी। तीस हजार से अधिक छात्राओं को शिक्षा से किया लाभान्वित जाति, धर्म, वर्ग, समुदाय के भेदभाव से परे तीस हजार से अधिक छात्राओं को शिक्षा व संस्कार देकर उन्हें लाभान्वित करने वाली समाजसेविका बसन्ती मनिहार समाज में कोई भी बालिका धनाभाव के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहें इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 10 जून 1996 को स्वामी विवेकानन्द स्टुडेन्ट्स वेलफेयर चेरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की। ट्रस्ट के माध्यम से 3.50 करोड से ज्यादा की छात्रवृति वितरित की गयी। उनके बालिका शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिये पांच बार भामाशाह पुरस्कार, राज्य स्तरीय समान, मारवाड़ रतन, मारवाड़ गौरव, समाज गौरव इत्यादि अनेकों सम्मानों में अलकृंत किया गया जिसे उन्होनें बालिकाओं के सम्मान में समर्पित कर दिया । वे निरन्तर नई योजनाओं से बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए अग्रसर रहीं।