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कोरोनाकाल में सर्वाधिक रही कंप्यूटर शिक्षा की आवश्यकता, शिक्षा विभाग में पद ही सृजित नहीं

  शिक्षक सेवा भर्ती में कंप्यूटर शिक्षक पदनाम शिक्षा विभाग में संवर्गित नहीं
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कोरोनाकाल में सर्वाधिक रही कंप्यूटर शिक्षा की आवश्यकता,  शिक्षा विभाग में पद ही सृजित नहीं

कोरोनाकाल में सर्वाधिक रही कंप्यूटर शिक्षा की आवश्यकता, शिक्षा विभाग में पद ही सृजित नहीं

जोधपुर. कोरोनाकाल में एक ओर जहां निजी स्कूलों ने अपना पूरा कार्य कंप्यूटर व इंटरनेट के जरिए चलाया। इस कार्य में सरकारी स्कूल फिसड्डी साबित हुए। जबकि प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 3464 माध्यमिक व 11137 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 व 10 में कंप्यूटर विज्ञान विषय पढ़ाया जा रहा है। यहां कंप्यूटर विज्ञान विषय विद्यालय में कार्यरत गणित, विज्ञान् के कंप्यूटर में विभागीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक या आरकेसीएल , आरएससीआइटी प्रमाण पत्र प्राप्त शिक्षक पढ़ा रहे है। जिन्हें भी कंप्यूटर का आधा ज्ञान ही है।
विभाग में कंप्यूटर शिक्षक पदनाम संवर्गित नहीं

शिक्षक सेवा भर्ती में कंप्यूटर शिक्षक पदनाम शिक्षा विभाग में संवर्गित नहीं है। जबकि मुख्यमंत्री ने पदनाम सृजित करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी कंप्यूटर शिक्षा में सर्वाधिक कमजोर भी है।

विद्यार्थियों को मिल रहा आधा-अधूरा ज्ञान
शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों को कंप्यूटर में आधा-अधूरा ज्ञान मिल रहा है। राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन के जिलाध्यक्ष इन्द्रविक्रमसिंह चौहान ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द विद्यार्थी हित में कंप्यूटर शिक्षक के पद सृजित करे। क्योंकि आरकेसीएल व आरएससीआई शिक्षक को इतना ज्ञान नहीं है, जितना कंप्यूटर डिग्रीधारी शिक्षक को होता है। विद्यार्थियों को आधा-अधूरा ज्ञान पहुंच रहा है।