जोधपुर में घट रही है कृष्ण मृग की संख्या

संभाग में अब सिर्फ 3000 काले हरिण, जोधपुर में 10 साल में बढ़े सिर्फ 377 काले हरिण

जोधपुर से पलायन के कारण पाली में हो गई 1738 की संख्या

By: Nandkishor Sharma

Published: 19 Oct 2020, 05:05 PM IST

जोधपुर. समूचे मारवाड़ में काले हरिणों की स्थिति नाजुक है । पिछले 10 कुछ सालों में इनकी संख्या महज 377 ही बढ़ सकी है। यही कारण है की इनका भविष्य भी काला नजर आने लगा है । खुद वनविभाग के आंकड़ों की माने तो जिले के गुड़ा में जहां वर्ष 2005 में कुल 1885 काले हरिण थे , वहीं अब पूरे जोधपुर जिले में ये महज 1376 ही बचे है।
कुछ ऐसे ही काली तस्वीर जोधपुर जिले के ब्लेक बक बहुल क्षेत्र धवा , साथिन की है । वस्तुत: काले हरिण बहुल क्षेत्र गुड़ा विश्नोइयां को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने के एक दशक बाद अब काले हरिणों की संख्या एक चौथाई रह गई है।

वर्ष 2010 में जोधपुर जिले में मात्र एक हजार काले हरिण बचे थे जिनकी संख्या दशक बाद भी नाम मात्र बढ़ी है। पूरे जोधपुर संभाग में भी काले हरिणों की स्थिति भयावह है। जोधपुर सहित पाली, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर और सिरोही में कुल संख्या 3134 ही बची है।

यह भी है कारण

वर्षाकाल में नम भूमि पर दौडऩे में असमर्थ होने पर हिंसक श्वानों के हमलों से मौत का ग्रास बन जाते हैं ।
वन्यजीव क्षेत्रों में मानवीय हलचल और औद्योगिक विकास की गतिविधियां ।

अवैध क्रॅशर और खनन से होने वाला ब्लास्ट
भोजन- पानी की तलाश में सड़क दुर्घटना मौत

-शिकारियों के हत्थे चढऩा

पाली में बढ़ी संख्या
जोधपुर के कांकाणी, गुड़ा आदि क्षेत्रों में लगातार बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के कारण काले हरिण सुरक्षित आवास की तलाश में लगातार पलायन करते जा रहे है। यही कारण है पाली में इनकी संख्या 1738 से ज्यादा है।

काले हरिणों की वर्तमान स्थिति

जोधपुर----1376
सिरोही------020

पाली------1738

Nandkishor Sharma Desk
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