प्रशिक्षक बिना प्रदेश का एकमात्र गर्ल्स जिम्नास्टिक सेंटर

- प्रदेश की छात्राएं लेती हैं ट्रेनिंग
- प्रशिक्षक प्रतिनियुक्ति पर गौशाला मैदान में

By: Jay Kumar

Updated: 06 Jan 2021, 06:35 PM IST

जोधपुर. राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपए खर्च कर प्रदेश में अलग-अलग खेलों के प्रशिक्षण केन्द्र बनाए हैंं, ताकि सरकारी स्कूलों से खेल प्रतिभाएं निकले व केन्द्र, प्रदेश व राष्ट्र का नाम रोशन करें। वहीं जोधपुर में प्रदेश का एकमात्र गल्र्स जिम्नास्टिक प्रशिक्षण केन्द्र राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय राजमहल में कोच होते हुए भी बंद पड़ा है। सेंटर पर पदस्थापित महिला कोच प्रतिनियुक्ति पर शाला क्रीड़ा संगम गौशाला मैदान में सेवा दे रही है। इससे सेंटर बंद पड़ा है। शिक्षा निदेशालय की आेर से राज्य में जिमनास्टिक खेल के सत्र पर्यंत दो प्रशिक्षण सेंटर चलाए जा रहे हैं। छात्राओं के लिए राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय राजमहल जोधपुर में तथा छात्रों के लिए सार्दूल स्पोट्र्स स्कूल बीकानेर में केन्द्र बने हुए है। इन केन्द्रों पर राज्य के किसी भी कोने से खिलाड़ी अपनी योग्यता के आधार पर चयन के बाद प्रवेश लेकर वर्ष पर्यंत प्रशिक्षण प्राप्त करते है।

मेडल के लिए तरस रहा केन्द्र
प्रशिक्षण सेंटर पर कोच बेस्ट तकनीक सिखा कर प्रशिक्षणार्थियों को तैयार करते हैं व खिलाड़ी अपने कोच से साल भर सीखी गई बारीकियों के दम पर अपने केंद्र व राज्य का नाम रोशन करते हुए मेडल प्राप्त करते हैं। हकीकत यह है कि वर्षों से इस सेंटर से किसी खिलाड़ी को मेडल नहीं मिला है। जिम्नास्टिक प्रशिक्षक होने के बावजूद यह केन्द्र वर्षों से मेडल के लिए तरस रहा है। यहां प्रथम श्रेणी जिमनास्टिक प्रशिक्षक के रूप में सुमित्रा पंवार शाला क्रीड़ा संगम गौशाला मैदान में उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा पद पर सेवा दे रही है। तब से जिम्नास्टिक सेंटर को कोई संभालने वाला नहीं है।

जोधपुर में प्रदेश स्तरीय जिम्नास्टिक सेंटर की प्रशिक्षक होते हुए भी केन्द्र पर सेवा नहीं देने का मामला जानकारी में आया है। पूरी जानकारी लेकर ही कार्यवाही की जाएगी।
पितरामसिंह काला, उप निदेशक
शारीरिक शिक्षा, बीकानेर

Jay Kumar
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