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स्वर्णगिरी में फिर दमकेंगे राजा व रानी के महल

- जालोर दुर्ग के पुनरुद्धार के लिए करीब 5 करोड़ स्वीकृत- बुर्ज व पोल की होगी मरम्मत, पर्यटकों के लिए बनेगी सडक़
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स्वर्णगिरी में फिर दमकेंगे राजा व रानी के महल

स्वर्णगिरी में फिर दमकेंगे राजा व रानी के महल

जालोर. शहर के ऐतिहासिक स्वर्णगिरी दुर्ग के दिन फिर फिरने वाले हैं। सरकार ने दुर्ग का पुराना वैभव लौटाने के लिए 4.92 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इससे दुर्ग में िस्थत राजा मानसिंह महल और रानीमहल के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाएगी। यह कार्य शुरू हो चुका है। महलों के भीतरी हिस्सों के जीर्ण-शीर्ण दीवारों, प्राचीरों की मरम्मत की जा रही है। दुर्ग तक पर्यटकों की आसान पहुंच बनाने के लिए अब सडक़ निर्माण भी किया जाएगा। अब तक केवल सीढिय़ों से ही चढक़र जाया जा सकता था। इससे देसी व विदेशी दोनों पर्यटकों को पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। दुर्ग का प्राचीन गौरवशाली इतिहास होने और पुरातन दृष्टि से महत्वूपर्ण होने के बावजूद सुविधाएं नहीं होने से यहां तक पर्यटकों की पहुंची नहीं थी। इसको देखते हुए अब प्रदेश के अन्य किलों की तरह जालोर दुर्ग का भी जीर्णोंद्धार किया जा रहा है।

स्वर्णगिरी दुर्ग राजस्थान के मजबूत और दुर्गम श्रेणी के किले में आता है। दुर्ग पर पर्यटकों के लिए अपार संभावनाएं है, लेकिन ऊंचाई अधिक होने और यहां तक पहुंचने के लिए सडक़ नहीं होने से अब तक यह पर्यटन दृष्टि से पिछड़ा रहा है। करीब पांच करोड़ के विकास कार्य होने के बाद इसकी छटा निखर जाएगी।
10 साल में तीन बाद पहल

दुर्ग के विकास और रखरखाव की कड़ी में तीसरी बार बजट जारी हुआ है। इससे पूर्व वर्ष 2012-13 में करीब 50 लाख रुपए से दुर्ग की मरम्मत व रखरखाव कार्य हुए थे। उसके बाद करीब 40 लाख रुपए और राज्य सरकार ने जारी किए। अब करीब 8 साल बाद सरकार ने बड़े स्तर पर बजट जारी किया है।

ऐसे बदलेगा हमारा किला

- दुर्ग की चढ़ाई के दौरान चार पोल और बुर्ज की मरम्मत की जाएगी।

- पेयजल के लिए उचित प्रबंधन होंगे।

- महिला और पुरुषों के लिए टायलेट्स की व्यवस्था।

- दुर्ग की चढ़ाई वाले क्षेत्र में तीन स्थानों पर शेल्टर बनेंगे।

- सडक़ बनेगी, पर्यटक सीधे जा सकेंगे।
- महलों की दिवारों व प्राचीरों की मरम्मत कर मजबूती दी जाएगी।

ये दर्शनीय स्थल दुर्ग पर

चार पोल को पार करने के बाद दुर्ग तक पहुंचा जा सकता है। दुर्ग पर प्राचीन बावडिय़ां, महल, बुर्ज, परकोटे, वीरदेव चौकी, पुरानी तोपे मुख्य रूप से पर्यटकों के लिए अहम साबित हो सकती है।

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दुर्ग के संरक्षण, जीर्णोद्धार और विकास कार्य करवाया जा रहा है। मुख्य रूप से मान महल को सुधारा जा रहा है।
- इमरान अली, अधीक्षक, पुरातत्व संग्रालय, जोधपुर