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राजस्थान का रण : ‘ वादों पर खरे नहीं उतरने वाले विधायकों के खिलाफ धोखाधड़ी केस करने का अधिकार जनता को मिलना चाहिए ‘

जनघोषणा पत्र : ' चुनाव जीतने के बाद नेता गद्दी व गड्डी का ध्यान रखते हैं, जनता की कोई नहीं सोचता '
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The public should get the right to make fraud cases against MLAs

राजस्थान का रण : ' वादों पर खरे नहीं उतरने वाले विधायकों के खिलाफ धोखाधड़ी केस करने का अधिकार जनता को मिलना चाहिए '

जोधपुर.
जिले के लूणी विधानसभा के बोरानाडा गांव के प्रबुद्धजन ने प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए लूणी क्षेत्र का जन घोषणा पत्र तैयार किया। युवाओं ने यह बात प्रमुखता से उठाई कि कोई भी झूठ बोलकर जनता के मत हासिल कर विधायक तो बन जाते हैं और यदि वो जनता के वादों को पूरा नहीं करें तो उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने का अधिकार मिलना चाहिए। बैठक में बुजुर्गों ने कहा कि नेता लोग जनता व समाजों के प्रबुद्धजनों को चुनाव के समय ही पूछते हैं, जब उन्हें थोक वोट मिल जाते हैं, तब वापस पलटकर देखते तक नहीं। चुनाव जीतने के बाद नेता गद्दी व गड्डी का ध्यान रखते हैं, जनता की कोई नहीं सोचता। बैठक में बुजुर्ग गोदाराम, राजेन्द्र गौड़, भलाराम, हंसराज चौधरी नंदवान, मनोहर चौधरी पाल, बोरानाडा उप सरपंच सुरेश गोदारा सहित कई लोगों ने भाग लिया।

लूणी विधानसभा : जन एजेंडा
-जोजरी नदी में औद्योगिक फैक्ट्रियों का रासायनिक पानी प्रदूषण बढ़ा रहा है। सरकारें नदी के सुधार के लिए योजना तो बना रही है। मामला विधानसभा में भी उठता है, लेकिन नदी के सुधार के लिए प्रभावी काम ग्राउंड स्तर पर नहीं होता। सरकार व जनप्रतिनिधि की पहली प्राथमिकता यह ही होनी चाहिए कि जोजरी नदी के प्रदूषण से मुक्ति मिलनी चाहिए।
-पेराफेरी के जो गांव जोधपुर विकास प्राधिकरण को हस्तान्तरित हो चुके हैं। ऐसे में गांवों में ग्रांम पंचायतें पंगु बनी हुई। पंचायतें अपनी मर्जी से सरकारी जमीन पर एक खम्भा भी बिना जेडीए की अनुमति के नहीं लगा सकती। इससे विकास अवरूद्ध हो रहा है। पंचायतों को अपनी जमीन में विकास का अधिकार मिलना चाहिए।
-पंचायतों को आबादी विस्तार व आवास के पट्टे बनाने का अधिकार मिलना चाहिए। ताकि गांवों के विकास को और अधिक पंख लग सके।
-लूणी उपखण्ड मुख्यालय की अन्य गांव-कस्बों से सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। लूणी से बेरू के बीच सुबह-शाम अपडाउन बस की सेवा शुरू करनी चाहिए। ताकि बेरू से झंवर, डोली, पाल, बोरानाडा सालावास इत्यादि गांवों से होते लूणी मुख्यालय आ-जा सके।
-झंवर कस्बे को तहसील मुख्यालय बनाया जाएं, ताकि लोगों को लम्बा सफर तय कर लूणी मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़े।
-पालासनी, भटिण्डा, लोलावास, फिटकासनी, काकेलाव, बिरामी ग्राम पंचायतों की पंचायत समिति एवं विधानसभा एक ही होना चाहिए, ताकि उनका विकास प्रभावित न हो।
-जो राजनैतिक दल चुनाव में घोषणा पत्र तैयार करता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उस पर प्रभावी रूप से अमल नहीं होता। ऐसे दलों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
-लूणी में बालिका महाविद्यालय खोला जाएं और पालासनी में उच्च माध्यमिक स्तर पर बालिका विद्यालय खोला जाना चाहिए।
-धुंधाड़ा, धवा, झंवर, पालासनी में राजकीय महाविद्यालय खोले जाने चाहिए। ताकि इन गांवों व आस-पास के गांवों के हजारों विद्यार्थियों को 12 वीं के बाद लम्बी दूरी तय कर जोधपुर शहर में पढ़ाई के लिए नहीं आना-जाना पड़े।
-बाड़मेर रोड स्थित भाण्डू कलां में पशु चिकित्सालय खोला जाना चाहिए, ताकि आस-पास के गांवों को इसका लाभ मिल सके।
-प्रदेश की सबसे बड़ी कुड़ी ग्राम पंचायत में 100 बैड का सेटेलाइट अस्पताल खोला जाना चाहिए। ताकि नए जोधपुर शहर की जनता को चिकित्सा सुविधा के लिए एम्स, एमडीएम, एमजीएच की तरफ नहीं जाना पड़े।
-यदि झूठे वादे कोई विधायक मत लेता और वादे पूरे नहीं करते हैं, उनके खिलाफ जनता को धोखाधड़ी का केस दर्ज करने का अधिकार मिलना चाहिए।
-उपखण्ड मुख्यालय को लूणी से हटाकर क्षेत्र के मध्य में स्थापित करना चाहिए, ताकि क्षेत्र के सभी गांवों का लम्बा चक्कर खत्म हो सके।