
जोधपुर.
पुलिस महकमे में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से लाखों रुपए एेंठने के आरोपी निजी विद्यालय के शिक्षक को प्रतापनगर थाना पुलिस ने दस महीने की तलाश के बाद गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके नकल कराने वाली गैंग से जुड़े होने का अंदेशा है।
थानाधिकारी अमित सिहाग के अनुसार जालोर थानान्तर्गत करड़ा थानान्तर्गत कोटड़ा के गोदारों की ढाणी निवासी विशनाराम उर्फ विष्णुप्रकाश हीराराम बिश्नोई के गांव में होने की सूचना मिलने पर एसआइ हरिसिंह, कांस्टेबल महेन्द्र पाल, लादूराम, डूंगर सारण व विकास ने उसे दबोच लिया। आरोपी निजी विद्यालय में शिक्षक है।
गौरतलब है कि गत २ जनवरी को बाड़मेर में चौहटन थानान्तर्गत इसरोल निवासी बालाराम पुत्र मगाराज जाट ने विशनाराम के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि उसने विशनाराम को पुलिस महकमे में नौकरी लगाने का झांसा दिया। इसके लिए उसने जगदीश से बात कराई। फिर उसने एक लाख रुपए एेंठ लिए। इतना ही नहीं, पड़ोसी धन्नाराम से भी पुलिस में नौकरी लगाने के नाम पर दस लाख रुपए एेंठ लिए गए थे। आरोपी ने अपने गांव में और कुछ अन्य युवकों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की थी।
रुपए लेकर गायब हुआ आरोपी शिक्षक
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बेरोजगार युवकों को पुलिस में नौकरी लगाने का विश्वास दिलाकर रुपए एेंठे थे। लिखित परीक्षा में पास करवाने से पहले ही वह रुपए लेकर गायब हो गया था।