
किराएदार होगा बेदखल, निगम अनुमति व पट्टा निरस्त करेगा
जोधपुर. सिवांची गेट श्मशान घाट रोड स्थित भीखा प्याऊ पर नगर निगम के किराएदार की ओर से गलत तथ्य व झूठे शपथ पत्र के आधार पर 16 वर्ष पहले कच्ची बस्ती का पट्टा हासिल करने वाले मामले को महापौर घनश्याम ओझा ने गंभीरता से लेते हुए निगम अधिकारियों को एक्शन लेने के लिए कहा है।
महापौर ओझा ने यूओ नोट निकाल कहा कि राजस्थान पत्रिका में गत 3 मार्च को प्रकाशित समाचार ‘निगम की संपत्ति पर तत्कालीन यूआइटी ने जारी किया पट्टा ’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद महापौर ने जांच के तुरंत बाद भवन निर्माण अनुमति निरस्त करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए कहा। साथ ही पट्टा निरस्त करने की कार्रवाई हो। कार्रवाई करने से पूर्व विधि शाखा की ओर से केवियट भी लगाएं, ताकि किसी भी न्यायालय में बिना सुनवाई स्थगन की संभावना नहीं रहे। किराएदार को किराए की संपत्ति से बेदखल कर निगम की संपत्ति को कब्जे में लिया जाए। दरअसल, भीखा प्याऊ के पास स्लॉटर हाउस से जुड़े भूखंड संख्या 58/99 के किराएदार मोहम्मद रफीक पुत्र मोहम्मद हुसैन व शरीफन ने झूठा शपथ पत्र देकर साल 2003 में तत्कालीन यूआइटी से अहस्तानांतरित पट्टा लिया। उसके बाद किराया जमा कराता रहा। 2008 तक किराया भी जमा कराया। फर्जी शपथ पत्र पर उठाए पट्टे को ही आधार बनाकर फरवरी माह में एकल खिडक़ी से आवासीय इजाजत लेकर व्यसायिक निर्माण करना शुरू कर दिया। जिसका अवैध निर्माण निगम ने ध्वस्त भी किया।
Published on:
04 Mar 2019 09:00 pm
