कांग्रेस के साथ इस बार भाजपा ने भी खेला अल्पसंख्यक कार्ड

-निकाय चुनाव में मुद्दों पर भारी होते हैं जातिगत समीकरण

By: Avinash Kewaliya

Published: 23 Oct 2020, 11:50 PM IST

जोधपुर. कांग्रेस और भाजपा भले ही एक-दूसरे पर मुद्दों और विकास को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद न तो टिकट वितरण मुद्दों को देखकर होता है और न चुनावी रणनीति बनती है। निकाय चुनावों में सबसे ज्यादा कोई बात अहमियत रखती है तो वह जातिगत गणित है। जो वार्ड जिस श्रेणी के लिए आरक्षित है वहां से मौका मिलता ही लेकिन इस बार कई सामान्य व ओबीसी वार्ड से भी दोनों दलों ने अल्पसंख्यक कार्ड खेला है। कांग्रेस के साथ ही इस बार भाजपा ने भी मुस्लिम वोट बैंक मजबूत करने के लिए अपनी सूची में अल्पसंख्यकों को ज्यादा स्थान दिया है।

उत्तर में ज्यादा अल्पसंख्यक वोट बैंक

नगर निगम उत्तर में अल्पसंख्यक वोट बैंक अधिक है इसलिए कांग्रेस के साथ भाजपा ने भी यहां टिकट ज्यादा दिए हैं। कांग्रेस के परम्परागत वोट बैंक में सेंधमारी करने के लिए यहां भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चे को सक्रिय भी किया है। खास बात यह है कि इस बार अल्पसंख्यक महिलाओं को भी कांग्रेस के साथ भाजपा ने मैदान में उतारा है। इसके अलावा जातिगत बाहुल्यता के कारण अन्य पार्टियों व निर्दलीय के तौर पर भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में है।

यह है नगर निगम उत्तर की स्थिति
- कांग्रेस ने 19 अल्पसंख्यक पुरूषों को टिकट दिया है। इनमें कई बड़े और पुराने नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा 7 महिलाओं को भी मैदान में उतारा है।

- भाजपा ने उत्तर में 9 पुरूष अल्पसंख्यक और 6 महिलाओं को मौका दिया है। कई वार्ड में अल्पसंख्यक के सामने
- वार्ड 7, 12, 15, 17, 22, 39, 40, 41, 42, 43, 44, 45, 46, 49, 66 वार्ड में दोनों पार्टी ने अल्पंसख्यक उतारे हैं।

नगर निगम दक्षिण की स्थिति

- कांग्रेस ने 3 अल्पसंख्यक पुरुष और तीन महिलाएं मैदान में उतारी हैं।
- भाजपा ने 2 अल्पंसख्यक पुरूषों और 2 महिलाओं को मौका दिया है।

- वार्ड संख्या 24, 26, 32, 57 में भी दोनों पार्टियों ने अल्पसंख्यकों को मौका दिया है।

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