
वीराने में चल रही स्कूल में यूं मंडरा रहा मूक बधिरों पर संकट
जोधपुर . माता का थान बासनी तंबोलियान स्थित गांधी बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। साथ ही अब उनकी सुरक्षा को लेकर संकट मंडराने लगा है। बड़ी बात यह है कि बसावट क्षेत्र से दूर वीराने में स्थित मूक बधिर बालिकाओं के आवासीय विद्यालय की सुरक्षा दीवार ही सुरक्षा देने में नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में यह व्यवस्था खुले तौर पर समाजकंटकों को आमंत्रित करती नजर आ रही है।
सन 1982 से संचालित
यह विद्यालय 1982 से संचालित हो रहा है। माता का थान में 1994-95 में शिफ्ट किया गया। वर्तमान में 45 लड़कियां व 72 लड़कें हैं, जो कि जोधपुर के अलावा बीकानेर , नागौर, जैसलमेर , बाड़मेर, जालोरी, सिरोही व पाली से आकर यहां अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान में छुट्टियों में वे अपने घर जा चुके हैं और सेशन कीशुरुआत में वापस आएंगे। तब तक इस परिसर की दीवार की ऊंचाई बढ़ जाए तो सुरक्षा व्यवस्था बने।
7 फीट की 4 फीट रह गई ऊंचाई
इस विद्यालय के निर्माण के समय 7 फीट की दीवार निर्मित थी। पिछले 25 वर्षों में जैसे-जैसे सड़क का लेवल बढ़ा, वैसे- वैसे दीवार छोटी होती गई। अब यह दीवार मात्र 4 फीट की रह गई है। अब इस दीवार की ऊंचाई 3 फीट तक बढ़ाई जाएगी।
छात्राएं सुरक्षित नहीं
दीवार की ऊंचाई कम होने से समाजकंटक इसे फांद कर छात्रावास परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। वीराने में स्थित होने के चलते मूकबधिर छात्राओं की आवाज दूर-दूर तक सुनने वाला कोई नहीं है। इसके चलते हर समय छात्राओं की सुरक्षा का डर बना रहता है।
निगम दीवार बनाएगा
इसके लिए टेंडर भी निगम ही लगाएगा। निगम का कहना है कि टेंडर लग चुका है जल्द ही दीवार बना दी जाएगी। दीवार बनने से परिसर की सुरक्षा बढ़ जाएगी। छोटी दीवार के चलते समाजकंटकों के प्रवेश की आशंका बनी रहती है।
- किशनलाल गर्ग अध्यक्ष, गांधी बधिर उमावि संस्थान, जोधपुर
Published on:
22 May 2018 05:26 pm
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