
Toilets In Schools, Swachh Bharat Mission, Clean India Campaign, government schools in jodhpur, lack of hygiene, jodhpur news, jodhpur news in hindi
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. जहां एक ओर स्वच्छ भारत के लिए जगह-जगह शौचालय बनाए जा रहे हैं। वहीं स्कूलों में छात्र और छात्राएं एक ही शौचालय में जाने को मजबूर हैं। जोधपुर जिले के 211 राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुविधा नहीं हंै। इस कारण विद्यार्थियों को हर दिन कई समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। दूसरी ओर सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाला बजट भी स्कूलों के लिए ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। ऐसे में कई स्कूलों में अलग शौचालय नहीं होने के कारण परिजन भी अपनी बेटियों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।
सबसे अधिक हाल ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैं। सरकार की ओर से खुले में शौच जाने पर रोक लगाने की मुहिम के चलते सार्वजनिक सहित खुले मैदानों के बाहर भी आधुनिक सुविधा वाले शौचालय बनाए जा रहे हैं। लेकिन स्कूलों में ऐसा नहीं होने के कारण छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होने लगी हैं। वहीं बालिका सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े जानकारों का मानना है कि स्कूली छात्राओं के लिए सदैव ही शौचालयों की अलग से सुविधा होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने से न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है बल्कि मानसिक तौर पर भी वे परेशानियों का सामना करती हैं।
लोहावट की 180 स्कूलों में पृथक से शौचालय नहीं
जोधपुर जिले में 17 ब्लॉक हैं। इनमें लोहावट ब्लॉक में सर्वाधिक 143 राजकीय प्राथमिक और 37 उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं हैं। जोधपुर शहर में 4 प्राथमिक व 2 उच्च प्राथमिक स्कूलों में पृथक शौचालय नहीं हंै। पीपाड़ शहर-17, तिंवरी-14, बाप-1, फलोदी-3 व भोपालगढ़ के एक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए विभक्त से शौचालय नहीं हैं।
छात्रों को ज्यादा दिक्कत
एकल शौचालय वाले स्कूलों में छात्राओं को सुविधा मिल जाती है, लेकिन छात्रों को बाहर जाना पड़ता है। कई स्कूलों में पुरुष शिक्षकों को भी दिक्कत रहती है। यह समस्या पर्याप्त बजट नहीं आने के कारण सामने आ रही हैं। कई स्कूलों में निर्माण कार्य भामाशाहों के भरोसे चल रहे हैं।
इनका कहना
नए वित्त वर्ष में सभी स्कूलों में पृथक से शौचालय बना दिए जाएंगे। सबसे पहले उन स्कूलों को चिन्हित किया जा रहा है जहां छात्राओं की संख्या अधिक हंै।
- मदनलाल विश्नोई, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान
Published on:
03 Jun 2018 10:16 am
