
ग़वर पूजन में गूंजे पारम्परिक गीत
जोधपुर. महिलाओं के प्रमुख व्रत त्योहार गणगौर पूजन के तीसरे दिन बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गवर पूजन के दौरान पारम्परिक गवर गीत गूंज उठे। माहेश्वरी समाज व ब्राह्मण समाज की महिलाओं की ओर से शहर के कुम्हारियां कुआं जाजूजी की पोल, गणपति नगर वृंदावन विहार, शांतिनाथ नगर जानकीवल्लभ मंदिर, महामंदिर, नागौरीगेट सहित भीतरी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गवर पूजन के प्रति तीजणियों में उत्साह है। पाल रोड अमृत नगर मे गवर पूजन के दौरान गीता माछर ने परम्परागत गवर गीत प्रस्तुत किए। पश्चिमी राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वरी भूतड़ा व माहेश्वरी महिला मंडल जोधपुर की पूर्व अध्यक्ष प्रभा वैद्य ने बताया कि गवर पूजन के आठवें दिन शीतलाष्टमी से घुड़ला पूजन आरंभ होता है। इस बार रविवार को घुड़ला पूजन के लिए कुम्हारियां कुआं क्षेत्र से घुड़ला लाने की परम्परा का निर्वहन किया जाएगा। गौरी (गवर ) पूजन करने वाली तीजणियां गवर पूजन स्थलों पर छिद्रयुक्त घुड़ले में दीप प्रज्ज्वलित कर पूजन करती है। पार्वती प्रतीक गौरी का व्रत रखने वाली तीजणियां रामनवमी के दिन घुड़ले का विसर्जन पवित्र जलाशय में करती है।
Updated on:
31 Mar 2021 10:03 pm
Published on:
31 Mar 2021 10:03 pm
