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Rajasthan: राजस्थान में एक्शन मोड में ट्रैफिक पुलिस, 1 दिन में काटे 8,448 चालान, कोटा में सबसे ज्यादा

Rajasthan Traffic Police Action: राजस्थान में विशेष अभियान के आठवें दिन प्रदेशभर में 8,448 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे ज्यादा चालान काली फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और अनधिकृत शब्द लिखे वाहनों पर किए गए।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 9 Jun 2026, 6:06 PM IST

Rajasthan Traffic Police Action

ट्रैफिक पुलिस। फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर। राजस्थान में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के तहत राजस्थान पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अभियान के आठवें दिन प्रदेशभर में नियमों का उल्लंघन करने वाले 8,448 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षित और जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

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डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में चल रहे इस अभियान की जानकारी देते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान वाहनों में किए गए अवैध बदलावों, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर लिखे अनधिकृत शब्दों तथा नियमों के विरुद्ध लगी नंबर प्लेटों के खिलाफ विशेष कार्रवाई की गई।

ब्लैक फिल्म का सबसे ज्यादा क्रेज

अभियान के दौरान सामने आए आंकड़ों से पता चला कि सबसे अधिक उल्लंघन वाहनों के शीशों पर काली फिल्म लगाने को लेकर मिले। प्रदेशभर में इस संबंध में 3,264 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा नियमों के विपरीत और वीआईपी शैली की नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालकों पर भी कार्रवाई हुई। वाहनों पर बिना अनुमति के पद, जाति या अन्य अनधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोगों को भी पुलिस ने नहीं छोड़ा। वहीं, वाहन की चेसिस या बॉडी में नियमों के विरुद्ध बदलाव कराने वाले 861 वाहन चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

प्रेशर हॉर्न पर भी कड़ा प्रहार

सड़कों पर रौब जमाने के लिए लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, हूटर या अन्य अनधिकृत उपकरण लगाने वालों पर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। पूरे प्रदेश में ऐसे 544 मामलों में कार्रवाई की गई। वहीं, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने पटाखे जैसी आवाज निकालने के लिए मॉडिफाई की गई बुलेट मोटरसाइकिलों के खिलाफ भी अभियान चलाकर कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के वाहन आमजन के लिए परेशानी का कारण बनते हैं और ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं।

कोटा में 572 मामलों में कार्रवाई

कार्रवाई के मामले में कोटा शहर सबसे आगे रहा, जहां 572 मामलों में कार्रवाई की गई। इसके बाद अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311 और भरतपुर में 309 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247 तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी अभियान के दौरान 320 मामलों में कार्रवाई की, जबकि जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में नियम उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की। जयपुर ग्रामीण पुलिस ने 247 मामलों में कार्रवाई कर अभियान को प्रभावी बनाया।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को सड़क सुरक्षा से जुड़े ऐसे अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामाजिक दायित्व भी है। राजस्थान पुलिस का प्रयास है कि कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक कर सुरक्षित, व्यवस्थित और अनुशासित यातायात व्यवस्था विकसित की जाए।