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Transgender admission – अब ट्रांसजेंडर राजस्थान के इस विश्वविद्यालय में आसानी से ले सकेंगे प्रवेश

Transgender admission - जेएनवीयू में प्रवेश के समय अब ट्रांसजेंडर का अलग कॉलम- ट्रांसजेंडर के लिए अलग से नियम बनाने वाला देश का संभवत: दूसरा विवि- आवेदन पत्र में मेल व फिमेल के अलावा अन्य काॅलम जुड़ेगा
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Transgender admission - जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की शुक्रवार को हुई एडमिशन बोर्ड की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। ट्रांसजेंडर वर्ग को सम्मान विवि में प्रवेश देने के लिए इस शैक्षणिक सत्र से उनके लिए प्रवेश आवेदन पत्र में अलग से कॉलम होगा। वर्तमान में कॉलम में मेल व फिमेल के कॉलम होते हैं। तीसरे कॉलम के रूप में अन्य को जोड़ा जाएगा। विवि के अनुसार बेंगलुरू यूनिवर्सिटी के बाद व्यास विवि देश का दूसरा विवि है जिसने ट्रांसजेंडर के हित में यह कदम उठाया है।

कुलपति प्रोफेसर केएल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई एडमिशन बोर्ड की पहली बैठक हुई। इसमें आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए हुई एडमिशन बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। ट्रांसजेंडर के िए अलग से कॉलम देने के साथ ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधा मुहैया करवाने के पूरे प्रयास करने की बात कही गई। ट्रांसजेंडर के रेस्पोंस को देखते हुए आगामी सत्रों में इनका आरक्षण नियमानुसार तय किया जाएगा।

एडमिशन बोर्ड की बैठक में हुए कई फैसले
- शैक्षणिक सत्र 2022-23 की प्रवेश प्रक्रिया की तिथि का निर्धारण
- विभिन्न क्लासेज में अधिकतम और न्यूनतम छात्र संख्या का निर्धारण
- कोर्सेज में प्रत्येक क्लास में सेक्शन का निर्धारण
- विभिन्न विषयों की युक्तियों का निर्धारण
- दो पाठ्यक्रमों में जमा फीस में से एक फीस की आनुसांगिक व्यय कटौती कर 15 दिन में वापसी का फैसला लिया गया।
- प्रवेश प्रक्रिया में सभी आरक्षण/रियायतें/लाभ सुनिश्चित किए गए

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की शुक्रवार को हुई एडमिशन बोर्ड की बैठक में एक अहम फैसला लिया गया। ट्रांसजेंडर वर्ग को सम्मान विवि में प्रवेश देने के लिए इस शैक्षणिक सत्र से उनके लिए प्रवेश आवेदन पत्र में अलग से कॉलम होगा। वर्तमान में कॉलम में मेल व फिमेल के कॉलम होते हैं। तीसरे कॉलम के रूप में अन्य को जोड़ा जाएगा। विवि के अनुसार बेंगलुरू यूनिवर्सिटी के बाद व्यास विवि देश का दूसरा विवि है जिसने ट्रांसजेंडर के हित में यह कदम उठाया है।