आंगणवा की ट्रांसपोर्ट नगर योजना कागजों में दफन

- 300 से ज्यादा आवेदकों की जमा है राशि

- यूआइटी के समय लाई गई थी योजना

 

By: Avinash Kewaliya

Published: 18 Jan 2021, 08:19 PM IST

जोधपुर।
ट्रैफिक मॉबिलिटी प्लान के तौर पर यातायात को सुगम करने के लिए जेडीए प्रयास कर रहा है, लेकिन नगर विकास न्यास के समय 20 साल पहले यातायात को सुगम करने के लिए जो प्लान बना वह आज तक धरातल पर नहीं आ पाया है। यह है आंगणवा में परिवहन नगर। वर्ष 2000-01 में इसकी प्लानिंग की गई, आवंटन हुए और राशि भी जमा कर ली गई। लेकिन इसके बाद यहां न तो सुविधाएं विकसित की गई और न ही कब्जे दिए गए।

करीब 20 वर्ष पहले ट्रांसपोर्ट नगर को शहर से बाहर करने के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर यूआईटी ने यह योजना लॉच की थी। आंगणवा में 352 लोगों को भूखंड आवंटित हुए। इसी के सामने ऑटोमोबइल नगर के नाम से भी योजना बनाई गई। यह दोनों योजनाएं व्यावसायिक भूखंडों के लिए थी। लेकिन समय के साथ जैसे ही सरकारें बदली, इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी योजना में लाभार्थी रहे जी.एल दाधीच बताते हैं कि जब भी यूआईटी व जेडीए से इन योजना में सुविधा विकास के लिए सम्पर्क किया तो बजट नहीं होने का हवाला दिया जाता है। जबकि 20 साल में इस योजना को विकसित किया जा सकता था।

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