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हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद नहीं सुधर रहे ट्रांसपोर्ट नगर के हाल, राजनीति की भेंट चढ़ीं ये योजनाएं

आंगणवा व विवेक नगर में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर योजना फेल, मोगड़ा खुर्द में नहीं रुचि  
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अमित दवे/जोधपुर. शहर के बाहर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से वर्षों पूर्व जारी आदेश की आज तक पालना नहीं हो रही है। नतीजा यह है कि न तो आंगणवा में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित हो सका और न न्यायालय की मंशा के अनुरूप ट्रांसपोर्टेशन व्यवसाय व्यवस्थित रूप से संचालित हो सका। शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए हाईकोर्ट ने 20 दिसम्बर 2000 को जनहित याचिका का निस्तारण कर ट्रांसपोर्ट कंपनियों को शहर के बाहर व्यवसाय करने और जोधपुर विकास प्राधिकरण (तत्कालीन नगर विकास न्याय) को आबादी क्षेत्र के बाहर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के आदेश दिए थे। इसके तहत न्यास ने आंगणवा व विवेक विहार योजना में ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित कर 31 मार्च 2001 तक शपथ पत्र हाईकोर्ट में पेश किए। अनदेखी के चलते दोनों योजनाएं ठप हो गई।

आंगणवा में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने रुचि नहीं दिखाई व विवेक विहार योजना में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर राजनीति की भेंट चढ़ गया। बासनी ट्रांसपोर्ट नगर से क्षेत्र के उद्यमी परेशान हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के नाम पर बासनी द्वितीय फेज पुलिस थाना रोड तक फैक्ट्रियों के सामने ट्रकों का जमावड़ा रहता है। इस रोड पर फैक्ट्रियों के आगे ट्रक खड़े रहते हैं। बेतरतीब खड़े ट्रकों से कई बार सड़क जाम हो जाती है। जेडीए ने आंगणवा में ट्रांसपोर्ट व ऑटोमोबाइल नगर के लिए 11 सितम्बर 2001 को विज्ञप्ति जारी और 13 सितम्बर 2001 तक भूखण्ड के आवंटन भी कर दिए। शहर व औद्योगिक क्षेत्र से दूर होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाइयों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई।

मोगड़ा खुर्द में दरें ज्यादा

जोधपुर विकास प्राधिकरण ने मोगड़ा खुर्द में खसरा नम्बर 142 में ट्रांसपोर्ट व ऑटोमोबाइल नगर के लिए 366 बीघा जमीन पर विभिन्न श्रेणियों के 799 भूखण्ड की योजना का नक्शा राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। यहां जमीन की दरें अधिक होने के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाई रूचि नहीं ले रहे।

इनका कहना है


मोगड़ा खुर्द में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर में भूखण्ड की दर ज्यादा हैं। शहर में करीब 650 ट्रांसपोर्ट कम्पनियां रही हैं। सरकार पुनर्विचार कर सही दाम तय करे तो ट्रांसपोर्टर वहां जाने को तैयार हैं।

सुरेश करवा, सदस्य, जोधपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

जेडीए को हाईकोर्ट का आदेश लागू करवाना चाहिए। सभी व्यवसायी इस समस्या के समाधान के इंतजार में है।

डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन