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पावटा अस्पताल के ट्रोमा उपकरण बिलाड़ा शिफ्ट होंगे

बिलाड़ा . कस्बे में जनसहयोग से बने ट्रोमा सेंटर भवन में शीघ्र ही जोधपुर के पावटा रेफरल अस्पताल से ट्रोमा उपकरण शिफ्ट किए जाएंगे।
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Troma center in Bilara

पावटा अस्पताल के ट्रोमा उपकरण बिलाड़ा शिफ्ट होंगे

बिलाड़ा (जोधपुर). कस्बे में जनसहयोग से बने ट्रोमा सेंटर भवन में शीघ्र ही जोधपुर के पावटा रेफरल अस्पताल से ट्रोमा उपकरण शिफ्ट किए जाएंगे। साथ ही 6 डॉक्टर और 10 नर्सिंग कर्मियों की नए सिरे से नियुक्ति होगी तथा 72 लाख रुपए के नए उपकरण खरीदकर सौंपे जाएंगे। फिलहाल यहां आठ बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर, पांच छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर, एग्जामिन टेबलें, 14 बेड साइड लोकर वाले तथा ऑटोमेटिक इस्यूजन भेजे जा चुके हैं। अब शीघ्र ही इस ट्रोमा सेंटर के उद्घाटन का इंतजार है।

उल्लेखनीय है कि अजमेर से बिलाड़ा 180 किलोमीटर तथा बिलाड़ा से जोधपुर 80 किलोमीटर की दूरी में एक भी ट्रोमा सेंटर नहीं होने से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण दर्जनों मौते हो चुकी हैं। इन मौतों को रोकने के प्रयास में कस्बे की एक संस्था ने मुख्यालय पर ट्रोमा सेंटर भवन निर्माण कराने का बीड़ा उठाया और नियत समय से एक माह पूर्व ही तैयार कर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया है।

जनसहयोग के बाद अब सरकार की बारी

क्षेत्रीय विधायक अर्जुनलाल गर्ग ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया था कि वे जनसहयोग से ट्रोमा सेंटर का भवन बनवा देंगे शेष सारी सुविधाएं सरकार उपलब्ध करवाए। इस भरोसे को पूरा करने के लिए कस्बे की श्री गंगातीर्थ धाम विकास समिति आगे आई और अपनी जमा पूंजी में से 40 लाख रुपए से ट्रोमा सेंटर भवन का कार्य शुरू करवा दिया।

शिलान्यास के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विवेकाधीन कोष से लाखों की राशि देेने की घोषणा की, लेकिन जब एक पैसा भी मिलते नहीं दिखा तो समिति के सदस्यों ने गांवों में मुनादी करवा दी और देखते ही देखते क्षेत्र के लोगों ने भवन निर्माण के लिए धन राशि भेंंट करने के लिए कतार-सी लगा दी। समिति ने विभागीय तखमीने के अनुसार भवन बनाकर विभाग को सुपुर्द कर दिया।


शिशु नर्सरी होगी तैयार

क्षेत्र के लोगों से मिल रही आर्थिक सहायता के बूते विकास समिति के अध्यक्ष शेषाराम खदाव व सचिव मिश्रीलाल हाम्बड़ ने बताया कि पुराने आईजी महिला चिकित्सालय के जर्जर हो चुके हॉल को शिशु नर्सरी के रूप में तैयार करवाया जाएगा। समिति का यह प्रस्ताव भी जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भा गया और उन्होंने शिशु नर्सरी की सुविधा उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया है।