
नाना-दोहिती की फोटो: पत्रिका
Rajasthan State Open School Exam: जहां एक ओर लोग मानते हैं कि पढ़ाई की एक तय उम्र होती है, वहीं लोहावट में इस धारणा को तोड़ता एक उदाहरण सामने आया है। यहां 62 वर्षीय नाना और उनकी 17 वर्षीया दोहिती ने एक ही परीक्षा कक्ष में बैठकर 12वीं की परीक्षा दी, जिसने सभी को शिक्षा के प्रति समर्पण का नया संदेश दिया।
लोहावट के जाटावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की 12वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान यह दृश्य देखने को मिला। परीक्षा के पहले दिन हिन्दी विषय का पेपर हुआ, जिसमें चन्द्रनगर निवासी मूलाराम मेघवाल और उनकी दोहिती आमला निवासी रेखा मेघवाल ने साथ परीक्षा दी।
मूलाराम मेघवाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1987 में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वर्षों बाद शिक्षा के प्रति फिर से रुचि जागी और उन्होंने उम्र को पीछे छोड़ते हुए 12वीं की परीक्षा में बैठने का निर्णय लिया।वहीं रेखा मेघवाल ने वर्ष 2023-24 में 10वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए 12वीं की परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र पर ऐसे कई अन्य अभ्यर्थी भी पहुंचे, जिन्होंने लंबे समय पहले पढ़ाई छोड़ दी थी और अब 40 वर्ष से अधिक उम्र में फिर से शिक्षा की राह पकड़ी है।
लोहावट के जाटावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार से राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की परीक्षाएं प्रारम्भ हुईं। पहले दिन कक्षा 12वीं के हिन्दी विषय की परीक्षा हुई, जिसमें परीक्षार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। केंद्राधीक्षक हनुमानसिंह विश्नोई एवं परीक्षा प्रभारी भंवरलाल ने बताया कि कुल 166 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 125 ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई।
Updated on:
24 Apr 2026 09:44 am
Published on:
24 Apr 2026 08:26 am
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
