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20 साल पहले जो सीट पिता ने छोड़ी, पुत्र वैभव अब वहीं से चुनावी मैदान में

- मारवाड़ की पांचों सीटों पर कांग्रेस ने पत्ते खोले - भाजपा को अभी बाड़मेर व नागौर सीट से उतारने हैं प्रत्याशी - जोधपुर में शेखावत को टक्कर देंगे वैभव गहलोत  
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20 साल पहले जो सीट पिता ने छोड़ी, पुत्र वैभव अब वहीं से चुनावी मैदान में

जोधपुर. लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिए। गुरुवार देर रात कांग्रेस ने मारवाड़ की पांचों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। जोधपुर से भाजपा के गजेन्द्रसिंह शेखावत को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव को मैदान में उतारा है। पिछले कई माह से इसी नाम की ब्रांडिंग भी कांग्रेसजन कर रहे थे। मारवाड़ की चार अन्य सीटों पर भी कांग्रेस ने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। अब भाजपा को मारवाड़ की बची हुई दो सीटों पर प्रत्याशी उतारने हैं।

कांग्रेस ने प्रदेश में 25 में से 19 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। जोधपुर से वैभव गहलोत के अलावा पाली से पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ को एक बार फिर मौका दिया गया है। जालोर से रतन देवासी मैदान में होंगे। बाड़मेर से बहुप्रतीक्षीत नाम मानवेन्द्रसिंह का ही आया है। नागौर में रालोपा से गठबंधन की तमाम अटकलों के बीच कांग्रेस ने डॉ. ज्योति मिर्धा को ही मैदान में उतारा है।कई सीटों पर बदली सोशल इंजीनियरिंग

कांग्रेस ने जोधपुर सहित मारवाड़ की कई सीटों पर सोशल इंजीनियरिंग भी बदली है। जोधपुर सीट पर 10 साल बाद राजपूत समाज की बजाय अन्य उम्मीदवार उतारा है। वहीं बाड़मेर में जाट उम्मीदवार की बजाय राजपूत समाज को प्रतिनिधित्व दिया है। जालोर में देवासी समाज के जरिए पिछड़ी जातियों को टारगेट करने के प्रयास है। पाली और नागौर में जाट समाज का रिपीट कार्ड ही खेला है।

जालोर की जगह जोधपुर से टिकट देने की 3 बड़ी वजह
1. सीएम गहलोत ने खुद सर्वे किया। उन्होंने जालोर में भी फीडबैक लिया और जोधपुर से भी। यहां कार्यकर्ताओं व जनता में उत्साह ज्यादा था। इसलिए इसे फेवरेबल माना।

2. सीएम गहलोत की कर्मस्थली है। यहां से पांच बार सांसद चुने गए। 1999 के बाद से लगातार विधायक है। ऐसे में लोगों के दिमाग में छवि होती है कि उनका पुत्र नहीं एक प्रकार से सीएम खुद चुनाव लड़ रहे हैं।

3. जोधपुर लोकसभा सीट की 8 में से 6 विधानसभा सीटें कांग्रेस के पास है। जालोर में स्थिति उलट है। यहां आठ में से 6 भाजपा की झोली में है।