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वासुदेव मर्डर मामला : हत्याकांड में लॉरेंस की भूमिका साबित करने में पुलिस को आ रही ये समस्या

रंगदारी के लिए मोबाइल व्यवसायी की गोली मार कर हत्या प्रकरण  

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जोधपुर . रंगदारी वसूल करने के लिए सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल व्यवसायी की गोली मार कर हत्या करने के मामले में पुलिस शनिवार को लॉरेंस के गुर्गों के खिलाफ अदालत में चालान पेश करेगी। पुलिस जांच में लॉरेंस के इशारे पर वारदात सामने आई थी, लेकिन हत्या के दौरान एसओजी की रिमाण्ड पर होने की वजह से लॉरेंस की भूमिका अब तक साबित नहीं की जा सकी है।


पहले डराया, रुपए मांगे, खिल्ली उड़ाने पर मार दी थी गोली

रंगदारी वसूल करने के लिए लॉरेंस के शूटर हरेंद्र ने गत १९ जून को सरदारपुरा सी रोड स्थित पदमराज डिपार्टमेंटल स्टोर नामक मोबाइल शोरूम में घुस कर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। वह अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा था। काउंटर पर बैठे शोरूम संचालक वासुदेव इसरानी के ईदगिर्द गोलियां चला कर उसे डराने का प्रयास किया गया था। इसके बाद लॉरेंस गैंग ने वासुदेव को व्हाट्सअप कॉल कर के रुपए मांगे थे, लेकिन वासुदेव ने देने से इनकार कर दिया था। इसके उलट वह हरेंद्र व रुपए की मांग करने वाले लॉरेंस के गुर्गों की खिल्ली उड़ाने लग गया था। तब लॉरेंस गैंग ने उसे ठिकाने लगाने का निर्णय किया था। गत १७ सितम्बर की रात १०.४५ बजे जब वासुदेव दुकान ड्योढ़ी करवा रहे थे, तब मोटरसाइकिल पर आए शूटर ने तीन गोलियां चलाई थीं। एक गोली वासुदेव की पीठ के पीछे जा घुसी थी। उसका महात्मा गांधी अस्पताल में दम टूट गया था।


हरेंद्र ने भिजवाए थे हथियार, भोमाराम ने चलाई थी गोली

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि शेरगढ़ में दासानिया गांव निवासी हरेंद्र जाट व पंजाब निवासी काली राजपूत ने वारदात अंजाम दी थी, लेकिन शास्त्रीनगर में मॉल के बाहर हिस्ट्रीशीटर दिनेश बम्बानी पर फायरिंग में आरोपी रामनिवास विश्नोई के पुलिस के सामने पेश होते ही पूरी तस्वीर उलट गई थी। लोहावट थाना क्षेत्र अंतर्गत भीमसागर गांव निवासी भोमाराम विश्नोई ने गोली चलाई थी। हरेंद्र ने पंजाब से हथियार भिजवाए थे।


आठ महीने बाद पकड़ में आया था हरेंद्र

लॉरेंस के इशारे पर उसके गुर्गों ने रंगदारी वसूल करने के लिए पहली बार चार मार्च को जैन ट्रैवल्स में फायरिंग करने का प्रयास किया था, लेकिन हथियार न चलने के कारण वे असफल रहे थे, फिर १७ मार्च को समन्वयनगर में डॉ. सुनील चाण्डक व सेक्टर ७ में मनीष जैन के मकान पर फायरिंग की गई थी। इन मामलों में आठ महीने तक छकाने के बाद १८ अक्टूबर को पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से हरेंद्र जाट व लॉरेंस के भाई अनमोल को गिरफ्तार किया था। जबकि वासुदेव पर गोली चलाने का आरोपी भोमाराम विश्नोई व अमन पटवारी २० अक्टूबर को चण्डीगढ़ से पकड़ में आए थे।


इनके खिलाफ पेश होगा चालान

प्रकरण में आरोपी विनोद प्रजापत, पूनमचंद विश्नोई, हरीश प्रजापत, फारूक अली, नरपतलाल जोशी, नाथूलाल देवासी, श्यामसुंदर प्रजापत, भैरोसिंह, हरेंद्र उर्फ हीरा जाट, अनमोल, भोमाराम विश्नोई, अमन व अन्य को गिरफ्तार हो चुके हैं। पूनमचंद की जमानत हो चुकी है। थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह इनके खिलाफ चालान पेश करेंगे।