14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वासुदेव की हत्या के मामले में आया एक नया मोड़,पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल..

- व्यवसायी की हत्या का मामला

2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

Chen Raj

Sep 22, 2017

vasudev shot in jodhpur

vasudev shot in jodhpur

पत्रिका एक्सक्लूसिव

जोधपुर . फायरिंग के बाद लगातार धमकी व पुलिस सुरक्षा के बाजवूद मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या के मामले में एसओजी हमलावरों की तलाश में जुटी है। पुलिस भी अनुसंधान कर रही है। अभी तक हत्यारे हाथ नहीं लगे, लेकिन पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर सुरक्षा गार्ड की तैनाती को लेकर । अब तक यह साफ नहीं हो पा रहा है कि वासुदेव के लगे सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी का क्या शेड्यूल था। पुलिस लाइन के संचित निरीक्षक व सरदारपुरा थानाधिकारी इस मामले में अलग-अलग बयान दे रहे हैं। इस मामले में बड़े अधिकारी बोलने से कतरा रहे हैं।

गार्ड को कब आना कब जाना, यह तय नहीं था
वासुदेव को मोबाइल पर कई बार धमकियां मिली। पहले जब फायरिंग हुई तो दो गनमैन सुरक्षा के लिए दिए गए थे। जो पुलिस लाइन से आते थे, लेकिन अब तक इनके आने व जाने का समय किसने तय किया, यह जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं है। पुलिस लाइन के संचित निरीक्षक की माने तो वे गार्ड की रवानगी थाने के लिए देते थे। जबकि सरदारपुरा थानाधिकारी का कहना है कि गार्ड सीधे लाइन से ही आते और लाइन ही जाते। उन्हें नहीं पता कि सुरक्षा गार्ड व्यवसायी को छोड़कर कब रवाना होता था। इनकी गफलत में व्यवसायी की जान चली गई।

तो क्या मर्जी से आते-जाते थे गार्ड

जिस दिन वासुदेव का मर्डर हुआ, उस दिन शाम को पहला गार्ड अपने घर पर काम होने का कहकर चला गया। उसकी जगह जो दूसरा गार्ड आया, वह रात साढ़े नौ बजे चला गया। इन गार्ड का क्या टाइम होता था और कब आते-जाते, इस पर किसी भी अधिकारी का कंट्रोल नहीं था। वासुदेव की रामभरोसे ही सुरक्षा व्यवस्था चल रही थी।

हमने तो थाने के लिए रवाना किए
जो गनमैन दो भेजे गए, वह थाने के लिए रवाना किए गए। थानाधिकारी तय करे कि उन्हें कहां भेजना है। हमारे पास इसकी डिटेल नहीं है। बाकी उच्च अधिकारी जाने।

- राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित, संचित निरीक्षक, जोधपुर पुलिस लाइन


लाइन से आते और लाइन ही जाते गार्ड

सुरक्षा गार्ड लाइन से ही आते और लाइन से ही आते। हमे इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। वासुदेव की इजाजत पर गार्ड घर गया है। इस बारे में वासुदेव को देखना चाहिए था कि गार्ड को कब रवाना करना है।
- भूपेन्द्र सिंह, थानाधिकारी, सरदारपुरा थाना, जोधपुर कमिश्नरेट।