10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कुलपति व रजिस्ट्रार नियुक्त, विवि का अस्तित्व ही नहीं

- आईआरएस अधिकारी पदमाराम एमबीएम विवि में रजिस्ट्रार नियुक्त- एक महीने बाद भी एमबीएम विवि की जगह एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज ही है अस्तित्व में- सरकार ने अब तक जारी नहीं किया गजट नोटिफिकेशन
2 min read
Google source verification
कुलपति व रजिस्ट्रार नियुक्त, विवि का अस्तित्व ही नहीं

कुलपति व रजिस्ट्रार नियुक्त, विवि का अस्तित्व ही नहीं

जोधपुर. राज्य सरकार ने गुरुवार को भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के निदेशक पदमाराम को एमबीएम विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार नियुक्त कर दिया। एक पखवाड़े पहले उदयपुर स्थित महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अजय शर्मा को कुलपति नियुक्त किया था। विवि के लिए दोनों प्रमुख उच्चाधिकारियों की नियुक्ति के बावजूद अब तक खुद एमबीएम विश्वविद्यालय का अस्तित्व ही नहीं है। एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज अब भी जेएनवीयू का संघटक महाविद्यालय ही है और वर्तमान में इसी के अधीन है।
पिछले महीने विधानसभा की ओर से एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर विधेयक पास करने के बाद राजभवन ने भी तेजी दिखाई। राज्यपाल ने 24 सितम्बर को विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए लेकिन सरकार की ओर से एक महीने बाद भी विवि गठन का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। अलबत्ता दो अक्टूबर को कुलपति की नियुक्ति की गई लेकिन विवि गठन नहीं होने से अब तक एमबीएम विवि के सम्बन्ध कोई काम नहीं हो पाया है।

डीन के कार्यालय में ही कुलपति का दफ्तर
वर्तमान में एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में डीन का ही पद है। डीन प्रो. सुनील शर्मा के कार्यालय में एमबीएम विवि के नवनियुक्त कुलपति प्रो अजय शर्मा के बैठने की व्यवस्था की गई है। पिछले बीस दिनों से वे यहीं से राज्य सरकार से पत्राचार सहित अन्य कार्य कर रहे हैं।

भूमि व कर्मचारियों का होना है बंटवारा
वर्तमान में एमबीएम कॉलेज की समस्त सम्पतियां जेएनवीयू की है। विवि बनने के बाद सम्पति संबंधी बंटवारा करना है। साथ ही तकनीकी व गैर तकनीकी कर्मचारियों का भी बंटवारा होगा। फिलहाल नया शैक्षणिक सत्र एमबीएम कॉलेज में ही शुरू होगा।

मल्टीफैकल्टी विवि होगा
राज्य सरकार ने एमबीएम कॉलेज को मल्टीफैकल्टी विवि बनाने का विधेयक पास किया है लेकिन मल्टी फैकल्टी कला, वाणिज्य व विज्ञान संकाय को लेकर होगी या विभिन्न इंजीनियरिंग संकायों को ही मल्टी फैकल्टी का रूप दिया जाएगा। इसको लेकर अभी भी संशय बरकरार है।
...................

‘सरकार ने रजिस्ट्रार की नियुक्त कर दी है। शीघ्र ही विवि का गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एमबीएम विवि के रूप में काम करना शुरू कर देगा।’
प्रो अजय शर्मा, कुलपति, एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर