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5 दिन, 3 राज्य, 28 सौ किमी यात्रा कर इन पुलिसकर्मियों ने बचाई जोधपुर पुलिस की लाज, जानें कैसे

दीपावली पर राहत की सांस ली जोधपुर पुलिस ने  

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2 policemen caught shooters accused of firing in Jodhpur

2 policemen caught shooters accused of firing in Jodhpur

सात से अधिक महीने से अपनी किरकिरी करवा रही जोधपुर पुलिस की लाज दीपावली पर बच गई। पांच दिन में गुजरात, पंजाब व राजस्थान के बीच 28 सौ किलोमीटर की भागदौड़ करने के बाद दो शातिर शूटरों के साथ चार जनों को पकड़ कर त्योहार पर कुछ राहत की सांस ली।

रंगदारी के लिए फायरिंग कर के दहशत फैलाने वाला हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट साढ़े सात महीने से और वासुदेव इसरानी को गोली मारने वाला भोमाराम एक महीने से पुलिस को चकमा दे रहे थे। इनके पकड़ में न आने पर पुलिस को भी दीपावली पर कोई अप्रिय घटना होने की आशंका थी, लेकिन दीपावली से दो दिन पहले हरेन्द्र के गांधीनगर में होने की जानकारी हाथ लगी थी। पुलिस दल के साथ एसआई सोमकरण व हैड कांस्टेबल जमशेद खान को रात में ही रवाना किया गया था, जहां से गुरुवार शाम हरेन्द्र व अनमोल को पकड़ा गया। इन्हें लेकर पुलिस शुक्रवार तड़के तीन-चार बजे जोधपुर पहुंची और आरोपियों को बासनी थाने में रखवाया। बारह सौ किलोमीटर यात्रा की थकान उतर पाती उससे पहले ही भोमाराम के चंडीगढ़ में होने का पता लगा। तब दोनों पुलिसकर्मियों के साथ टीम को भोमाराम की तलाश में चण्डीगढ़ रवाना कर दिया गया, जहां से पुलिस ने भोमाराम व साथी को पकड़ लिया। सोलह सौ किलोमीटर की यात्रा पूरी कर के टीम शनिवार सुबह जोधपुर पहुंची।

हत्या में लॉरेंस की भूमिका साबित करना चुनौतीपूर्ण


वासुदेव की हत्या 17 सितम्बर को हुई थी। उन दिनों लॉरेंस विश्नोई सीकर जिले के पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या के आरोप में एसओजी के रिमाण्ड पर था। ऐसे में पुलिस के लिए यह साबित करना मुश्किल है कि वासुदेव की हत्या लॉरेंस ने ही करवाई थी। हालांकि उसकी हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी, लेकिन तब भी वह अजमेर जेल में ही था। यही वजह है कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने से पहले ठोस साक्ष्य व सुबूत जुटाना चाहती है, ताकि उसे कोर्ट में भी साबित किया जा सके।

अब तक एक दर्जन गिरफ्तार


वासुदेव हत्याकाण्ड में अब तक विनोद उर्फ विक्की प्रजापत, पूनमचंद विश्नोई, हरीश प्रजापत, फारूक अली, नरपतलाल उर्फ नरेश जोशी, हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी, नाथूलाल देवासी, श्यामसुंदर प्रजापत, भैरोसिंह, हरेंद्र उर्फ हीरा जाट, लॉरेंस का भाई अनमोल, भोमाराम विश्नोई व अमन पकड़े जा चुके हैं। हरेन्द्र व अनमोल को हत्याकाण्ड में गिरफ्तार करना है।