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video : आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट में पेश की अपील

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा के गुरुकुल की नाबालिग से यौन दुराचार के आरोप में जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा भुगत रहे आसाराम ने हाईकोर्ट में अपील पेश की।  
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जोधपुर

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MI Zahir

Jul 02, 2018

Asaram

Asaram

जोधपुर
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा गुरुकुल की नाबालिग से जोधपुर के आश्रम में यौन दुराचार के आरोप में जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा भुगत रहे आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील पेश की। आसाराम की ओर से वकील निशांत बोड़ा ने सोमवार को अपील पेश की। इससे पहले आसाराम के सह अभियुक्तों शिल्पी और शरद की ओर से पेश अपीलों को जस्टिस पीके लोहरा ने सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट से मामले का रिकॉर्ड तलब किया है।

नाबालिग छात्रा से २०१३ में स्वतंत्रता दिवस की रात जोधपुर के मणेई आश्रम में यौन दुराचार करने के आरोपी आसाराम उर्फ आसूमल सिरूमलानी को अदालत ने गत २५ अप्रेल को जोधपुर की सेंट्रल जेल में बनाई गई अस्थाई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने आसाराम को पॉस्को एक्ट तथा आईपीसी की धारा ३७६ डी के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जज ने आसाराम को ३४२, ३५४, ३७०, ३७६ (२) ३७६ (डी) ५०६ , ५०९, ३४, १२० बी और पॉक्सो एक्ट की धारा ५,६,७ और १७ के तहत दंड सुनाया था। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सेंट्रल जेल में बंद आसाराम यह सजा सुनते ही रो पड़ा था।
अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने आसाराम सहित तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। वहीं सह आरोपी शिल्पी और शरदचंद्र को बीस बीस साल कैद और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। वहीं शिवा और प्रकाश द्विवेदी को दोषमुक्त करार देते हुए उनकी जमानत मंजूर कर ली थी। ध्यान रहे कि अनुसूचित जाति जनजाति न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर के मणेई आश्रम में नाबालिग से यौन दुराचार के आरोप में आरोपी आसाराम सहित तीन आरोपियों को दोषी करार दिया और दो आरोपियों को बरी कर दिया था। तब जज ने जोधपुर जेल में लगी कोर्ट में यह फैसला सुनाया था। इससे पहले गुजरात उच्च न्यायालय ने आसाराम पर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद नरमी बरतने पर तीखी टिप्पणी करते हुए गुजरात की तत्कालीन सरकार की निंदा की थी।