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प्रदेश में जिस तरह से बर्बादी हो रही है, उससे तो अच्छा है काम रुका रहे: राजस्थान हाईकोर्ट

सरकार की ओर से पेश पालना रिपोर्ट पर बहस रही अधूरी, अगली सुनवाई 10 को

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hearing on master plan PIL

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आरपी बोहरा. राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायधीश संगीतराज लोढ़ा व जस्टिस अरुण भंसाली की खंडपीठ ने बुधवार को राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी व अन्य की ओर से मास्टरप्लान से संबंधित दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई में राज्य सरकार के प्रति कड़ी मौखिक टिप्पणियां की। खंडपीठ ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह की बर्बादी हो रही है, उससे तो अच्छा है कि भू परिवर्तन आदि का काम रुका रहे। यह भी कहा कि सरकार स्थानीय निकायों के नाम से हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार क्लियर कट आदेश जारी क्यों नहीं कर देती कि जब तक जोनल व सेक्टर प्लान एपू्रव नहीं हो जाते, तब तक किसी तरह का नियमन नहीं किया जा सकेगा।

खंडपीठ ने ये टिप्पणियां प्रदेश के छह बड़े शहरों के मास्टरप्लान से संबंधित दायर जनहित याचिकाओं की बुधवार को सुनवाई के दौरान उस समय की, जब राज्य सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार पालना रिपोर्ट पेश कर रहे थे। विशेष ख्ंाडपीठ में अपराह्न 3 बजे शुरू हुई सुनवाई करीब 5 बजे तक चली। सुनवाई अधूरी रही। अब इस मामले की सुनवाई 10 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से फिर होगी।

'यह कैसी पालना' रिपोर्ट में कहा गया कि सेक्टर प्लान व जोनल प्लान के लिए डीपीसी तैयार करवाई जा रही है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, तो कोर्ट ने पूछा कि फिर आपके अधिकारी कन्वर्जन करते जा रहे हैं। सरकार स्थानीय निकायों के नाम क्लियरकट आर्डर क्यों नहीं जारी करती। जब तक जोनल और सेक्टर प्लान एप्रूव नहीं हो जाते, तब तक कोई नियमन नहीं होगा। शहर तो शहर हाईवे के आस-पास सौ-सौ फीट हरित पट्टिका छोडऩे के लिए कहा गया, उसकी भी पालना नहीं हो रही है। यहां तक कि गांवों में 1 जनवरी 2017 के पहले का कब्जा साबित करने वालों को पट्टे भी दिए जा रहे हैं।

न्यायमित्र ने कहा नहीं हो रही पालना


सुनवाई के दौरान न्याय मित्र एमएस सिंघवी व अधिवक्ता विनीत दवे ने दो शपथ पत्र पेश कर नगर निगम पर आरोप लगाया कि 8 अगस्त 2017 को रोक लगाने के बावजूद पावटा सी रोड व नेहरू पार्क पर निर्माण जारी रहा। उन्होंने उसी आदेश जे तहत सरकार की ओर से 2 अगस्त 2017 को जारी जिस परिपत्र पर रोक लगाई गई थी। उसी परिपत्र को सरकार द्वारा नए सिरे से जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमन जारी रखने का भी आरोप लगाया। सरकार की ओर से महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा ने कहा कि जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। सरकार उसी के अनुरूप विकास कार्य कर रही है। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई पर 10 अक्टूबर को 2 बजे से सुनवाई स्थगित करते हुए उनसे लिखित में जवाब देने को कहा। सुनवाई के दौरान जयपुर से आए याचिकाकर्ता पूनमचंद भंडारी व लोकसम्पत्ति संरक्षण समिति के पीएन मेंदोला ने भी जयपुर मे कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के मामले बताए।