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video: सरकारी शिक्षा के स्तर में हो सुधार, निजी स्कूलों की फीस पर लगे लगाम

-सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़े नेताओं, सरकारी कर्मचारियों के बच्चे तो होगा सुधार -MUDDA_KYA_HAI इलेक्शन टॉक
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Video: Rectification in the level of government education

विडियो: सरकारी शिक्षा के स्तर में हो सुधार, निजी स्कूलों की फीस पर लगे लगाम

जोधपुर. लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ रही हैं। कहीं उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया जा रहा है तो कहीं मतदाताओं का मूड को भांपने पर चर्चा हो रही है। इस बार युवा मतदाताओं की अहम भूमिका रहने वाली है। ऐसे में ‘पत्रिका’ की ओर से चुनाव को लेकर ‘मुद्दा क्या है’ पर चर्चा की गई। इसमें शामिल युवतियों ने विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से विचार रखे।

चर्चा में शिक्षा का मुद्दा छाया रहा। युवतियों को कहना था कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए ऐसा कानून बनाया जाए जिससे जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ाना अनिवार्य हो। तभी सरकारी शिक्षण संस्थानों का स्तर सुधर सकता है।

शिक्षित व सशक्त हो उम्मीदवार
छात्रा पूनम शेखावत ने कहा कि चुनाव जो छी लड़े, उम्मीदवार शिक्षित व सशक्त होना चाहिए। यदि उम्मीदवार सशक्त व शिक्षित नहीं होगा तो वो आमजन की उम्मीदों को सदन में नहीं रख पाएगा।

प्रथम वर्ष की छात्रा रीना प्रजापति का कहना था कि स्थानीय मुद्दों पर बात होनी चाहिए। साथ ही कहा कि इस बार वो ऐसे उम्मीदवार को वोट देगी जो देश की प्रगति के बारे में सोचे। पूजा आचार्य ने कहा कि धर्म व जाति के नाम पर वोट मांगने के बजाय विकास के मुद्दे पर वोट मांगने चाहिए।

जनप्रतिनिधि आमजन से जुड़ा होना चाहिए। तभी हर वर्ग की समस्याओं का समाधान हो सकेगा। छात्रा पूजा ने कहा कि बेरोजगारी, शिक्षा व भ्रष्टाचार इन पर उम्मीदवार को काम करना चाहिए।निजी स्कूलों में फीस पर लगे लगाम

छात्रा निकिता ने कहा कि सरकारी स्कूलों को स्तर सुधरा हुआ नहीं होने से लोग बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। इसका फायदा उठाकर निजी स्कूलों की ओर से मनमानी फीस वसूली जा रही है। नेताओं को इस बार इस मुद्दे पर सोचना चाहिए।

चर्चा में ज्योति राठौड़, नीलम गोयल, भाविका राठौड़, संजू चौधरी, अक्षिता शेखावत व उर्वशी आदि ने भी मंहगाई को कम करने, नेताओं की जवाबदेही तय करने आदि पर अपने विचार रखे।