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वीडियो: राष्ट्रहित सर्वोपरी पर गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी पर भी होनी चाहिए बात

-इलेक्शन टॉक -मुद्दा क्या है..... -देश के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर भी फोकस करें जनप्रतिनिधि
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Video: The national security should also be on poverty, inflation, une

जोधपुर. ‘मुद्दा क्या है’ पर चर्चा में उपस्थित महिलाएं।

जोधपुर. चुनाव की घोषणा के बाद से ही राजनीतिक पार्टियों की ओर से सियासी समीकरण साधने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में जोधपुर लोकसभा सीट भी इन दिनों चर्चा में है। लोकसभा क्षेत्र में रहने वाले महिला वर्ग के मन में चुनाव को लेकर क्या मुद्दें हैं इन पर पत्रिका ने इलेक्शन टॉक की। जिसमें महिलाओं ने जोधपुर लोकसभा सीट पर व देश में क्या मुद्दे होने चाहिए पर चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरी है,लेकिन जनप्रतिनिधियों को जोधपुर क्षेत्र के स्थानीय मुदें को भी ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए। साथ ही कहा कि गरीबी, शिक्षा, बेरोजगारी पर बात होनी चाहिए। इन मुद्दों पर बात करने वाले जनप्रतिनिधियों को इस बार के चुनावों में सहयोग किया जाएगा।

मेट्रो सिटी बने शहर
चर्चा में शामिल सुमन जालानी ने कहा कि सीएम का गृहनगर होने व राज्य का दूसरा बड़ा शहर होने के चलते जोधपुर को मेट्रो सिटी बनाया जाना चाहिए। इससे शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था भी सुधरेगी। वहीं शहर के विकास को पंख लगेंगे, रोजगार के अवसर बढेंगे। महिला सुरक्षा को लेकर भी जनप्रतिनिधियों को काम करना चाहिए। जिससे आधी रात बाद भी महिलाएं घर से निकले तो सुरक्षित महसूस करें।

बृजनंदनी शर्मा ने कहा कि शहर में सीवरेज पानी निकासी के मुद्दे पर भी काम होना चाहिए। खासतौर पर शहर सीमा से सटे पंचायत क्षेत्रों में सीवरेज लाइन से संबधित समस्या से हजारों लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इस पर ध्यान देना चाहिए।

जोरों से उठा स्मार्ट सिटी का मुद्दा
चर्चा में शामिल कुडी ग्राम पंचायत की वार्ड पंच सुमन शर्मा, हंसा दुबे, लक्ष्मी सक्सेना व उर्मिला सहदेव ने कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाया जाना चाहिए। इन चुनावों में जो भी जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाएगा। उससे शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के संबंध में जवाब मांगा जाएगा। साथ ही शहर को स्वच्छ रखने व विकसित शहरों की श्रैणी में खड़ा करने के लिए नेताओं की ओर से क्या प्रयास किया जाएगा? यह सवाल भी पूछा जाएगा। चर्चा में शामिल अन्य महिलाओं ने भी अपने विचार रखते हुए शहर में क्षतिग्रस्त सडक़ों के विकास, शिक्षा, बेरोजगारी व किसानों आदि वर्गों को लेकर मुद्दा उठाया।