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Operation Sindoor: 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। पाकिस्तान की ओर से पश्चिमी राजस्थान के बॉर्डर से लगे इलाकों निशाना बनाने की नाकाम कोशिश हो रही है। इस बीच 1971 के युद्ध के संस्मरण भी ताजा हो चुके हैं।
सेना से सेवानिवृत्त जोधपुर के ओसियां के किंजरी निवासी हवलदार अमरसिंह भाटी ने बताया कि भारत-पाकिस्तान 1971 के युद्ध के दौरान मैं आर्मी में भर्ती ही हुआ था। जंग छिड़ने के समय मैं अपनी 15 कुमाऊ रेजीमेंट के साथ बाड़मेर बॉर्डर पर तैनात हो गया। तीन दिसंबर को पाकिस्तान ने हमला किया था। इसके बाद हमें भी हमला करने के निर्देश मिले। चार दिसंबर को हमने पाकिस्तारी फौजों पर अटैक शुरू कर दिया। हमारी सहायता के लिए भारतीय वायु सेवा ने एयर कवर भी दिया था।
पांच दिसंबर की तड़के 3.30 बजे हम पाकिस्तान के गडरा सिटी पहुंच गए और उस पर कब्जा कर लिया। 16 दिसंबर को जब तक सीजफायर होता, हम पाकिस्तान के उमरकोट पास डाली पहुंच गए थे। शिमला समझौता होने तक अक्टूबर 1972 तक हम डाली में ही मोर्चा बना कर रहे। हमले के समय वहां स्थानीय ग्रामीण पीछे हट गए थे।
उन्होंने बताया कि हमने उनके टूटे-फूटे मकान को ही ठीक-ठाक करके मोर्चा बनाया और 11 महीने तक रहे। उस समय खाने-पीने की भी इतनी सुविधा नहीं था। मेरे पास उस समय एसएलआर राइफल थी। युद्ध के बाद हमारी रेजिमेेंट को बैटल ऑफ ऑनर मिला। आज मेरी आयु 73 हो गई है। अगर सेना बुलाती है तो मैं आज भी जाने के लिए तैयार हूं।
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वहीं दूसरी तरफ शेरगढ़ के सोलंकियातला गांव में जन्मे भैरोंसिंह राठौड़ बीएसएफ की 14 बटालियन में 1971 में जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर तैनात थे। जहां पर भैरोंसिंह ने अपने असाधारण शौर्य व वीरता का परिचय देते हुए पाक सैनिकों के दांत खट्टे किये थे। भारत पाक सीमा पर लोंगेवाला पोस्ट पर मेजर कुलदीपसिंह के नेतृत्व में 120 सैनिकों की कंपनी के साथ तैनात रहकर डटकर सामना करते हुए पाक के टैंक ध्वस्त कर दुश्मनों को मार गिराया था।
शेरगढ़ के वीर भैरोसिंह ने एमएफजी से 15-20 पाकिस्तानी दुश्मनों को ढेर कर दिया। युद्ध मे वे मेजर कुलदीपसिंह के नेतृत्व में दुश्मन से डटकर लड़े। शौर्यवीर भैरोंसिंह की वीरता, पराक्रम व असाधारण शौर्य के चलते सन 1997 में रिलीज हुई बॉर्डर फ़िल्म में सुनील शेट्टी ने राठौड़ का रोल अदा किया था। सन 1963 में बीएसएफ में भर्ती होकर राठौड़ 1987 में रिटायर्ड हुए थे।
Published on:
09 May 2025 04:06 pm
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