आजादी के बाद पहली बार नसीब हुआ पानी, छलके आंसू

आजादी के बाद पहली बार नसीब हुआ पानी, छलके आंसू

Manish Panwar | Publish: Jan, 08 2019 10:19:06 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

बालेसर. कस्बे के निकटवर्ती भीलों की ढाणियों के लोगों को पानी के लिए अब नहीं भटकना पड़ेगा। यहां आजादी के बाद से पेयजल संकट झेल रही इन ढाणियों में अब नलकूप खुदने से स्थानीय लोगों की खुशी दुगुनी हो गई।

बालेसर. कस्बे के निकटवर्ती भीलों की ढाणियों के लोगों को पानी के लिए अब नहीं भटकना पड़ेगा। यहां आजादी के बाद से पेयजल संकट झेल रही इन ढाणियों में अब नलकूप खुदने से स्थानीय लोगों की खुशी दुगुनी हो गई। भीलों की ढाणियों के बाशिंदे आजादी से अब तक पेयजल रूपी भयंकर समस्या से घिरे हुए थे। यहां की महिलाएं तीन किलोमीटर का सफर तय कर निजी ट्यूबवेलों से पीने का पानी लाने को मजबूर थीं। वहीं काफी समय से यहां के निवासी पेयजल व्यवस्था के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन पेयजल समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।

इस मुद्दे को लेकर राजस्थान पत्रिका समाचार प्रकाशित किए। आखिर प्रशासन हरकत में आया और भीलों की ढाणियों में पेयजल के लिए नलकूप खुदवाया। वहीं नलकूप खुदवाने के बाद नवनिर्वाचित विधायक मीना कंवर ने तुरंत प्रभाव से नलकूप चालू करने के निर्देश दिए। इस पर सोमवार को भीलों की ढाणियों में नलकूप शुरु किया गया। पेयजल को देखकर महिलाओं व बुजुर्गों की आंखों से आंसू छलक पड़े। लोगों ने कहा कि उन्होंने समस्या के स्थाई समाधान के लिए लम्बा संघर्ष किया। इस दौरान पूर्व वैज्ञानिक जब्बर सिंह ईन्दा, उपसरपंच विरम शर्मा, मेघसिंह, जालम सिंह, पूर्व सरपंच रेंवतराम, भगाराम भील, चूनाराम भील, फूसाराम भील, रेंवतराम, गणपत सिंह सहित लोग मौजूद रहे।

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