
लॉकडाउन में जब आप घर पर हैं तो मास्क की नहीं है जरूरत: चिकित्सा प्रशासन
जोधपुर. घर पर रहने वालों को मास्क पहनने की आवश्यकता ही नहीं है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत मंडा ने बताया कि जब पूर्णत: लॉकडाउन ही है व घर से बाहर ही नहीं जाना है तो घर में अनावश्यक रूप से मास्क पहनना ही नहीं है। केवल मास्क लेने मेडिकल स्टोर्स पर जाने के लिए घर से निकलने की जरूरत नहीं है।
इन्हें है मास्क आवश्यक
यदि आपको खांसी, बुखार, व सांस लेने में तकलीफ है व आप किसी कोरोना संदिग्ध मरीज के पास या संपर्क में रहे हो तो उन्हीं लोगों को मास्क पहनने की आवश्यकता है।
6 घंटे में बदलना चाहिए
मास्क के गीला होने या प्रत्येक 6 घण्टे में मास्क बदले। नाक, मुंह व ठोडी के ऊपर लगाए और यह तय करे कि मास्क दोनों ओर कोई गैप न हो, ठीक से फिट करें। मास्क को सीधे ना छुए उससे जुड़ी डोरियों से ही पहने व उतारे। मास्क हटाने के बाद अपने हाथों को साबुन व साफ पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से अच्छी तरह धोए।
मास्क का निस्तारण जरूरी
उपयोग में लिए या संक्रमित मास्क को इधर-उधर फेंकना भी कोरोना वायरस के संक्रमण का स्रोत बन सकता है। इसलिए इस्तेमाल किए मास्क को अस्पताल या नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन के पीले रंग के डिब्बे में ही डालना चाहिए। अन्यथा मास्क को 01 प्रतिशत सोडियम हिपोक्लोराइड या 05 प्रतिशत ब्लीच सॉल्यूशन से विसंक्रमित करके सुरक्षित रूप से जलाए।
Published on:
28 Mar 2020 12:06 pm
