
गजेंद्र सिंह दहिया
Rajasthan Weather Report : इस साल अब तक एक भी आंधी या धूल का बवंडर नहीं आया है, जबकि थार प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान लगातार तापमान 45 से 48 डिग्री तक बना हुआ है। जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लोबल स्तर पर हवा की गति धीमी होने से आंधियां नहीं बन पा रही है। पश्चिमी राजस्थान में मध्य पूर्व से ईराक, ईरान और पाकिस्तान होते हुए आंधी आती थी, लेकिन अरब के रेगिस्तान में भी हवा का पैटर्न बदलने से आंधी रुक गई है।
एक अनुसंधान के मुताबिक पहले वार्षिक स्तर पर 17 आंधी आती थी, जो अब घटकर 5 हो गई है। आंधी के दौरान थार में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा पहुंचती थी, जो अब 35 से 40 किमी प्रति घंटा रह गई है। केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ डीवी सिंह कहते हैं कि 35 से 40 किमी हवा की गति भी दो से तीन घंटे तक ही रहती है, जबकि पहले दो से तीन तक इस स्पीड में हवा बहती थी। अब हवा की गति सामान्य तौर पर 20 से 25 किमी तक सीमित रह गई है।
आंधी चार प्रकार से मिलकर बनती है। पार्ट ए में एंथ्रोपोजेनिक कंटेंट नैनो प्लास्टिक व नैनोपार्टिकल, पार्ट बी में बायोएयरोसॉल मसलन शैवाल, कवक, बैक्टिरिया, पार्ट सी में क्रिस्टल पार्टिकल जैसे धूल, रेत और पार्ट डी में इन सभी के मध्य रासायनिक क्रिया के फलस्वरूप बने उत्पाद होते हैं। अरब रेगिस्तान में कम दबाव के कारण बालू के ढीले कणों से तेज हवा के कारण तूफान उठता है। आंधी में किलोमीटर ऊंचाई तक धूल की दिवार जो सैकड़ों किलोमीटर चौड़ी होती है जिसमें नमी का स्तर 70 प्रतिशत से कम होता है।
ग्लोबल स्तर पर हवा की रफ्तार 15 प्रतिशत तक कम हो गई है। प्रति दशक 2 से 3 प्रतिशत तक हवा की गति धीमी पड़ रही है।
पहले उत्तरी गोलार्द्ध में हवा की सामान्य गति औसतन 28 किलोमीटर प्रति घंटा थी जो अब 20 किमी से भी कम रह गई है। आंधी कम होने का एक बड़ा कारण यह भी है। -
Updated on:
23 Oct 2024 04:10 pm
Published on:
20 May 2024 09:32 am
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