देखिए वीडियाेेेेेेेे......संस्कृत में क्‍यों छपवाया शादी का कार्ड, खोला पूरा राज


संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत में छपवाया विवाह का निमंत्रण पत्र


जोधपुर. बावड़ी कलां गांव के जिस राजपुरोहित परिवार ने संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने, प्रचार-प्रसार करने तथा आमजन को संस्कृत से जोडऩे के लिए विवाह का निमंत्रण पत्र संस्कृत भाषा में छपवाया है,वहां २२ नवम्बर को शादी होगी। यहां समारोह में आने वाले लोगों की जुबां पर संस्कृत का कार्ड फेमस हो गया है। अस्मदीय: कुटुम्ब सरीके शब्दों से लोग चक्करघिनी हो गए। बताते चलें कि जोधपुर जिले के बावड़ी कलां निवासी उम्मेदसिंह के पुत्र किशन सिंह का विवाह २२ नवम्बर को है। किशनसिंह वर्तमान में रामदेवरा में व्याख्याता है तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से संस्कृत में एमए, नेट जेआरफ व एमफिल है। उनके भाई व्यवसायी भंवरसिंह व व्याख्याता सवाईङ्क्षसह राजपुरोहित संस्कृत के प्रचार-प्रसार में लगे है। उन्होंने संस्कृत भाषा को लोगों के दैनिक जीवन में उपयोग में लाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विवाह का निमंत्रण पत्र संस्कृत भाषा में छपवाया है। निमंत्रण पत्र में विवाह संबंधित कार्यक्रमों के लिए विनायक पूजनम्, घृतपानम्, वृन्दोली, वरयात्रा प्रस्थानम्, पाणिग्रहण संस्कार:, प्रीतिभोज: तथा निमंत्रणस्थलम्, जामातार:, मातामहपक्ष:, स्वागतोत्सुक: अस्मदीय: कुटुम्ब:, वयमपि प्रतीक्षामहे भवतां स्वागताय: आदि शब्दों का प्रयोग किया है।

Sikander Veer Pareek
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