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एेसा क्या हुआ कि पुलिस को देर रात एनएलयू के बाहर बैरियर लगाने पड़े

पुलिस ने एनएलयू के बाहर बैरियर लगाए पत्रिका के 'हादसों का हाईवे अभियान' खबर का असर
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What happened that police had to put barrier outside NLU late in night

एेसा क्या हुआ कि पुलिस को देर रात एनएलयू के बाहर बैरियर लगाने पड़े

जोधपुर.

जोधपुर-नागौर हाईवे पर एनएलयू कॉलेज के बाहर मंगलवार रात को पुलिस ने बैरियर लगाए। रोड पर स्पीड ब्रेकर, रोड लाइट और बैरियर नहीं होने के कारण कुछ दिनों पहले एफडीडीआइ की छात्रा व एक युवक की अलग-अलग सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस पर राजस्थान पत्रिका ने 'हादसों का हाईवे' शीर्षक से अभियान चलाकर मामले को उठाया था। इस पर कुछ दिनों पहले पीडब्ल्यूडी के एनएच विभाग ने रोड पर संकेतक और एफडीडीआइ कॉलेज के बाहर बैरियर लगाए थे। इसी क्रम में पुलिस ने एनएलयू कॉलेज के बाहर भी बैरियर लगाए।
जोधपुर-नागौर हाईवे पर गत 9 अगस्त को एफडीडीआइ छात्रा सहर आफरीन की निंबा निंबड़ी रेलवे फाटक के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इससे दस दिन पहले एक युवक की उसी जगह एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। इसके अलावा इस हाईवे पर पिछले ढाई साल में 38 लोगों की मौत हो चुकी है। हाईवे पर दो की मौत के बाद राजस्थान पत्रिका के अभियान से सुर मिलाते हुए कॉलेज के छात्रों व क्षेत्रवासियों का हाईवे पर सुरक्षा उपाय करने की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से विरोध जारी है। मंगलवार को क्षेत्रवासियों ने कॉलेज के छात्रों के साथ हाईवे पर मौन जुलूस निकाल कर विरोध जताया। इस पर डीसीपी (ट्रेफिक) गगनदीप सिंघला के निर्देशानुसार मंडोर पुलिस ने मंगलवार रात को एनएलयू कॉलेज के बाहर बैरियर लगाए।

एनएलयू और एफडीडीआइ ने कलक्टर से पूर्व में की थी मांग
हाईवे पर छात्र की मौत के बाद सभी शिक्षिण संस्थान सड़क सुरक्षा को लेकर एकजुट हो गए थे। एनएलयू और एफडीडीआई कॉलेज प्रशासन ने कलक्टर को कॉलेज के गेट के बाहर स्पीड ब्रेकर और बैरियर लगाने के लिए पत्र लिखा था। जिसमें हाईवे पर कहीं भी संकेतक, रोड लाइट, स्पीड ब्रेकर, बैरियर नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटनाएं होने के बारे में बताया था। हाईवे पर राष्ट्रिय व राज्य स्तर के आठ शिक्षण संस्थान हैं। जहां सात हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। हाईवे पर सुरक्षा के उपाय नहीं होने के कारण छात्रों को जान जोखिम में डालकर हाईवे से कॉलेज जाना होता हैं।