
बच्चे-किशोर पटाखे से जले तो कई वयस्क शराब के नशे में धुत होकर हुए चोटिल
जोधपुर. कई घरों में रोशनी के त्योहार की खुशियां आगजनी व दुर्घटनाओं से फीकी पड़ गई। अस्पतालों में दिवाली-रामा-श्यामा के दिन आग से जलकर, आंखों में चिंगारी लगने व शराब पीकर वाहन चलाकर दुर्घटनाग्रस्त होने वाले घायलों का तांता लग गया। ज्यादातर बच्चे-किशोर पटाखे से जलकर अस्पताल आए तो कई वयस्क शराब के नशे में नए दिन वाहन चलाकर घायल हो गए। इनके परिजनों की दिवाली भी अस्पताल में रहकर खराब हो गई। पटाखे आंख में लगने से कइयों का विजन तक बिगड़ गया। जिनका अब डॉक्टरों की देखरेख में अस्पताल में उपचार चल रहा है।
एमजीएच में 5 भर्ती
दिवाली, रामा-श्यामा व भाई दूज तक कुल 40 बर्न मरीज महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे। जिसमें से 35 मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने बताया कि इसमें 5 रोगियों को भर्ती किया गया हैं। वहीं बुधवार को एक बच्चे का पटाखे से चेहरा जल गया। जो दस प्रतिशत तक जला, उसे भर्ती किया गया। इससे पहले चार अन्य बर्न यूनिट में भर्ती हैं। हालांकि यहां शराब के नशे में घायल होकर कोई अस्पताल नहीं पहुंचा।
एमडीएमएच: 38 जनों की आंख व इतने ही दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल पहुंचेमथुरादास माथुर अस्पताल में भी नए दिन इमरजेंसी में रोगियों की चहल-पहल रही। यहां 38 बच्चे व किशोरों की पटाखों से आंख चोटिल हो गई। नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद चौहान ने बताया कि कई बच्चे-किशोरों की आंख रॉकेट, जमीन चक्करी, अनार व पिस्तौल वाली बंदूक की चिंगारी आंख में लग गई। जिससे उन्हें अस्पताल आना पड़ा। 2 मरीज भर्ती किए गए। डॉ. चौहान के मुताबिक इस बार केस गत दो वर्षों के म़ुकाबले बढ़े हैं। ज्यादातर की आयु 10 से 20 वर्ष के मध्य हैं। एमडीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि 40 युवा शराब के नशे में वाहन चलाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिन्हें अस्पताल लाया गया। उन्हें यहां उपचार दिया गया है। कइयों का उपचार चल रहा है। नए दिनों में कुल 100 से अधिक वाहन चालक दुर्घटना में घायल हुए हैं।
Published on:
26 Oct 2022 08:38 pm
