वीर दुर्गादास राठौड़ फ्लाइ ओवर की डिजाइन क्यों बदली?

वीर दुर्गादास राठौड़ फ्लाइ ओवर की डिजाइन क्यों बदली?
वीर दुर्गादास राठौड़ फ्लाइ ओवर की डिजाइन क्यों बदली?

Yamuna Shankar Soni | Publish: Sep, 23 2019 08:39:02 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

-हाईकोर्ट ने जेडीए को दिए मूल रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan high court) ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (jodhpur development authority) को वीर दुर्गादास राठौड़ फ्लाईओवर (veer durgadas rathod flyover) की मूल डिजाइन और उसमें बदलाव का निर्णय करने के संबंधी संपूर्ण रिकॉर्ड कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा कि फ्लाइ ओवर की दोनों सर्विस लेन की चौड़ाई बढ़ाने की संभावना तलाशने और आवश्यक कदम उठाने के संबंध में कई बार चर्चा के बावजूद अपेक्षित कार्यवाही नहीं करना गैर जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ ने रवि लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हैरानी जताई कि महेन्द्र नाथ अरोड़ा सर्किल से पाली रोड पर पीली टंकी तक थ्री लेन सडक़ निर्माण के संबंध में जेएनवीयू (jnvu) की अनापत्ति का मामला सुलझने के बावजूद जेडीए ने अब तक कार्य नहीं शुरू किया।

कोर्ट ने कहा कि कुछ इमारतों को बचाने के लिए फ्लाइ ओवर की डिजाइन बदली गई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह पता लगाना होगा। उन्होंने अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल को मूल रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश देते हुए कहा कि पहले वे स्वयं इसका अध्ययन करें और कोर्ट को वस्तुस्थिति बताएं।

अतिक्रमण नहीं हटाने पर जताई नाराजगी

कोर्ट ने नए हाईकोर्ट भवन (new highcourt building) के सामने से निकल रहे हाईवे से अतिक्रमण नहीं हटाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि जेडीए व संबंधित एजेंसियों को मौके पर विस्तृत सर्वे कर वस्तुस्थिति पता करनी चाहिए। यदि निर्धारित दायरे में कोई कृषि भूमि भी है तो उस पर निर्माण नहीं करवाया जा सकता।


इससे पूर्व हाईवे पर कुछ अतिक्रमण हटाने और कुछ नहीं हटाने का मामला कोर्ट के सामने आया, तब कोर्ट ने सभी विभागों के जिम्मेदार अफसरों को तलब किया।

दोपहर बाद जेडीए सचिव ओपी बुनकर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता तथा यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए।

कोर्ट ने शहर में निजी बस स्टैंड के लिए जमीन चिह्नित करने, हाईवे से अतिक्रमण हटाने, बरकतुल्लाह खां स्टेडियम सहित कई मुद्दों पर सवाल व प्रगति की जानकारी पूछी।

15 अक्टूबर तक सुधरेगी सडक़ों की हालत

कोर्ट ने बारिश के बाद शहर की सड़कों की दुर्दशा पर गहरी नाराजगी प्रकट की। अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल ने कोर्ट को बताया कि शहर में मुख्य सड़कों की संख्या 104 है। इनमें से 25 सड़कें जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधीन हैं। जेडीए ने इनकी मरम्मत का कार्यादेश जारी कर दिया है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग (pwd) के अधीन करीब 180 किमी लंबाई की 79 सड़कें हैं। इनमें से 90 किमी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की हाईवे विंग के अधीन 35 किमी लंबाई की सड़कें हैं।

इनमें से 15 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थी। इनमें से दस किमी सड़क की मरम्मत की जा चुकी है। बेनीवाल ने बताया कि सभी सड़कों की मरम्मत 15 अक्टूबर तक कर ली जाएगी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned