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आखिरकार 13 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ी महिला पहुंची घर, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार

अधीक्षक रेखा शेखावत बताया कि यहां आने के बाद महिला के मानसिक स्तर को सुधारने का प्रयास किया गया

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जोधपुर। स्थानीय नारी निकेतन में निवासरत और गत 13 वर्ष पूर्व अपने परिवार से बिछड़ी एक विमंदित महिला को संस्थान के प्रयासों से फिर से उसके परिवारवालों को सौंपा गया। गौरतलब है कि 2 मई 2012, अमरसागर गेट जैसलमेर में एक अज्ञात, असहाय, मानसिक विक्षिप्त महिला लावारिस स्थिति में पाई गई। किसी प्रकार की जानकारी न देने के कारण पुलिस ने उपखंड मजिस्ट्रेट जैसलमेर के माध्यम से इस महिला को देखभाल व उचित संरक्षण के लिए नारी निकेतन जोधपुर भिजवा दिया गया। महिला की मानसिक स्थिति सही नहीं होने से वह अपने बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता रही थी।

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अधीक्षक रेखा शेखावत बताया कि यहां आने के बाद महिला के मानसिक स्तर को सुधारने का प्रयास किया गया। इस दौरान महिला स्वयं को कभी पंजाब कभी मुम्बई, कभी उड़ीसा तो कभी उत्तर प्रदेश का बताती किंतु स्पष्ट पता नहीं बताती। विशेष शिक्षक ऋतु श्रोत्रिय व काउंसलर रिंकु गहलोत ने शालिनी की काउंसलिंग कर उसके परिवार व निवास स्थान की जानकारी प्राप्त करने के प्रयास किए।

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महिला द्वारा बताए जा रहे शब्दों को जोड़कर निवास स्थान पता लगाने का प्रयास किया गया। उम्मीद तब और बढ़ गई जब गोंडा (उत्तर प्रदेश) के उसके होने के प्रामाणिक प्रमाण मिले। सत्यापन के बाद महिला शालिनी के परिवारजनों से संपर्क किया गया। इसके बाद 21 जून को शालिनी को महिला पुलिस सुरक्षा में उसके घर भेजा गया। 22 जून को 13 वर्षों के बाद शालिनी अपने परिवार में पहुंचकर बेहद खुश हैं।